मेडिकल कॉलेजों में घोस्ट फैकल्टी पर लगाम लगाने, फर्जी तरीके से डिग्री हासिल करने वाले चिकित्सकों को पकडऩे और पारदर्शिता लाने के लिए एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) डॉक्टर्स ट्रेैकिंग सिस्टम (चिकित्सक पहचान प्रणाली) पर कार्य कर रही है।
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Srinagar Medical College
- फोटो : AmarUjala
एमसीआई ने इसके लिए समस्त मेडिकल कॉलेजों को ऑन लाइन बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के निर्देश दिए हैं। हाजिरी व्यवस्था ऑन लाइन होने पर एमसीआई पूरे देश में स्थित मेडिकल कॉलेजों के संकाय सदस्यों/चिकित्सकों की वास्तविक उपस्थिति पर नजर रख सकेगा। इसके घोस्ट फैकल्टी (एक साथ कई मेडिकल कॉलेजों में दर्ज संकाय सदस्य) पर रोक लगेगी।
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Srinagar Medical College
- फोटो : file photo
संकाय सदस्यों/चिकित्सकों के बायोमेट्रिक हाजिरी को आधार कार्ड से लिंक कर दिया जाएगा। बाद में प्रत्येक संकाय सदस्य/चिकित्सक को इलेक्ट्रॉनिक रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान पत्र (आईआरएफआईडी) दिया जाएगा। जिससे एमसीआई संकाय सदस्यों के मूवमेंट की जानकारी हासिल कर सकेगी।
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Prof. CMS Rawat
- फोटो : AmarUjala
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने बताया कि डिजिटल मिशन मोड परियोजना के तहत एमसीआई ने आधार कार्ड लिंक्ड बायोमेट्रिक प्रणाली को अपनाने के निर्देश दिए हैं।
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Srinagar Medical College
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इसी के तहत कॉलेज और अस्पताल में बायोमेट्रिक हाजिरी ली जा रही है। फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। उन्होंने बताया कि एमसीआई डाटा बेस तैयार कर रहा है। कॉलेज को किसी नए संकाय सदस्य/चिकित्सक की तैनाती, प्रमोशन और नौकरी छोडऩे की ऑन लाइन जानकारी देने के लिए कहा गया है।
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Srinagar Medical College
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16 को दिल्ली में बैठक
डॉक्टर्स ट्रेकिंग सिस्टम को लागू करने के लिए 16 नवंबर को एमसीआई ने दिल्ली में बैठक बुलाई है। एमसीआई उक्त प्रणाली को चालू करने से पूर्व प्रशिक्षण दे रही है। एमसीआई ने इसके लिए एक अधिकारी को नामित करने को कहा था।
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Srinagar Medical College
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कॉलेज ने इसके लिए कम्युनिटी विभाग के एचओडी प्रो. अमित कुमार का नाम भेजा है।