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जल्द खुलने वाला है नौकरियों का पिटारा, लेकिन केवल ये ही होंगे हकदार

Mon, 29 Jan 2018 08:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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job
जल्द की नौकरियों का पिटारा खुलने वाला है। नगर निकायों के सीमा विस्तार, दून स्मार्ट सिटी और स्वास्थ्य महकमे में बंपर नौकरियां निकलने वाली हैं।
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नगर निगम देहरादून - फोटो : file photo
सीमा विस्तार वाले 41 नगर निकायों में ढाई हजार कार्मिकों की जल्द भर्ती की जाएगी। सरकार ने इसके लिए सभी संबंधित निकायों से प्रस्ताव देने को कहा है। सोमवार को शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इस संबंध में अफसरों के साथ बैठक भी की। त्रिवेंद्र सरकार ने निकाय चुनाव से पहले बडे़ पैमाने पर सीमा विस्तार किया है। 41 नगर निकायों में सीमा विस्तार की कार्रवाई की गई है। हालांकि, इनमें से रुड़की और बाजपुर के मामले में हाईकोर्ट का स्टे आ गया है। शुरू में सरकार ने लालकुआं में भी सीमा विस्तार का निर्णय लिया था, लेकिन इस निकाय के आसपास वन भूमि की उपलब्धता को देखते हुए संबंधित प्रस्ताव को रोक दिया गया था। सीमा विस्तार की प्रक्रिया के पूरा हो जाने के बाद अब सरकार ने वहां पर कर्मचारियों की कमी की ओर ध्यान दिया है।

 
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मदन कौशिक - फोटो : SELF
विधानसभा में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने सोमवार को अफसरों के साथ बैठक की। कौशिक के अनुसार संबंधित निकायों के नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अगले दस दिन में कर्मियों की जरूरत का प्रस्ताव दें। बैठक में शामिल रहे शहरी विकास सचिव नितेश कुमार झा ने कहा कि बजट से पहले यह कसरत जरूरी है। जरूरत के हिसाब से बजट आवंटन के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
'सीमा विस्तार वाले नगर निकायों में क्लर्क, एकाउंटेंट, पर्यावरण मित्र समेत कई श्रेणी के पदों जल्द भर्ती की जानी है। मोटे-मोटे तौर पर ऐसे पदों की संख्या करीब ढाई हजार निकल रही है। जल्द से जल्द प्रस्ताव संबंधी औपचारिकताओं को पूरा कराया जाएगा। कोशिश ये ही है कि नगर निकाय चुनाव के आस-पास इन पदों को भर दिया जाए।'
- मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री

 

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Smart City
स्मार्ट सिटी की स्थापना की प्रक्रिया भी तेज हुई है। इस क्रम में शहरी विकास विभाग ने देहरादून ‘स्मार्ट सिटी लिमिटेड’ कंपनी के लिए 32 अस्थायी पदों के गठन की अनुमति प्रदान की है। इसमें दो पद आईएएस और सीनियर पीसीएस के लिए और एक पद राज्य वित्त सेवा के लिए रखा गया है। इसके अतिरिक्त जीएम और एजीएम सरीखे पदों को प्रतिनियुक्ति या फिर अनुबंध आधारित रखा गया है। राजधानी को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के बाद अब इसकी स्थापना की तैयारियों में तेजी आई है। इस क्रम में अब इस कार्य के लिए बनाई गई कंपनी में 32 अधिकारियों और कर्मचारियों के पद सृजित किए गए हैं।

 
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ऑफिस - फोटो : demo pics
इसके तहत सीईओ का पद आईएएस के लिए जबकि एडिशनल सीईओ के पद पर आईएएस या फिर वरिष्ठ पीसीएस अफसर को रखा जाएगा। फाइनेंस कंट्रोलर का पद राज्य वित्त सेवा के अधिकारी के लिए अधिकृत किया गया है। इसके अलावा जीएम टेक्निकल, जीएम आईटी, जीएम प्लान एंड डिजाइन, कंपनी सेकेट्री, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर, एजीएम सिविल के पद को प्रतिनियुक्ति या फिर अनुबंध के आधार पर भरा जाएगा। इसी क्रम में एजीएम वॉटर वर्क्स, एजीएम इलेक्ट्रिकल के पदों को प्रतिनियुक्ति और अनुबंध के अलावा अतिरिक्त प्रभार के रूप में देने का विकल्प भी रखा गया है। यह भी प्रावधान किया गया है कि श्रेणी-ग और श्रेणी-घ के किसी भी पद पर दैनिक, तदर्थ, संविदा और नियत वेतन पर नियुक्ति नहीं होगी। ये पद आउटसोर्स के माध्यम से भरे जाएंगे।

 
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doctor
वहीं अब प्रदेश में नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत डॉक्टरों की भर्ती टेंडर के जरिए होगी। डॉक्टर खुद बताएंगे कि उन्हें कितना वेतन चाहिए। इसी के आधार पर शासन डॉक्टरों का चयन कर उन्हें तैनाती देगा। प्रदेश में फिजिशियन, हृदय रोग विशेषज्ञ, सर्जन, महिला रोग विशेषज्ञों की बहुत कमी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया बदलने का फैसला किया है। अब नेशनल हेल्थ मिशन के तहत डॉक्टरों को टेंडर के जरिए भर्ती करने की योजना बनाई गई है। इसमें डॉक्टर खुद अपनी विशेषज्ञता, अनुभव के आधार पर टेंडर प्रक्रिया के जरिए बताएंगे कि उनको सेवा देने के बदले कितना वेतन चाहिए। इसके बाद शासन सभी डॉक्टरों के कोट किए वेतन का मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद तैनाती देगा।

 
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doctor
अभी देहरादून और उत्तरकाशी में तैनात डॉक्टर का करीब एक सामान वेतन होता है, जिसे शासन तय करता है। अब टेंडर प्रक्रिया के तहत जगह के हिसाब से भी वेतन मांगने का अधिकार डॉक्टरों को मिल जाएगा। यूपी जैसे अन्य राज्यों में टेंडर के जरिए डॉक्टरों की भर्ती का प्रयोग हो चुका है, उसी तर्ज पर प्रदेश में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि टेंडर प्रक्रिया से विशेषज्ञ डॉक्टरों के विकल्प बड़ी संख्या में मिल सकेंगे। उत्तराखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की बेहद कमी है। मौजूदा समय में 1241 सर्जन, फिजिशियन, कार्डियोलॉजिस्ट के पद हैं। इनमें केवल 405 पदों पर ही डॉक्टर काम कर रहे हैं, जबकि 836 पद रिक्त हैं। जो पद भरे गए हैं, उनमें भी कई डॉक्टर प्रशासनिक कामों में लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग में सामान्य और विशेषज्ञ डॉक्टरों के कुल 2715 पद है जिनमें 1086 पदों पर ही डॉक्टर कार्यरत हैं।

 
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डॉक्टर - फोटो : amar ujala
विशेषज्ञों डॉक्टरों की स्थिति
पद नाम         स्वीकृत पद      कार्यरत       रिक्त
रेडियोलॉजिस्ट    135            37            98
स्त्री रोग विशेषज्ञ  167           57          110
सर्जन             126         42            64
कर्डियोलॉजिस्ट     42         05             37
फिजिशियन        127        28            99
आर्थो सर्जन         99        42            57
बाल रोग विशेषज्ञ  133        57            76
त्वचा रोग विशेषज्ञ 35         05          30
पैथोलॉजिस्ट      116        30          86
नेत्र रोग          75          39          36
एनेस्थेटिस्ट       139        74           92
'टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से डॉक्टरों को खुद अपने अनुभव, विशेषज्ञता और जगह के आधार पर वेतन कोड करने का अधिकार होगा। इसके बाद मूल्यांकन व चयन प्रक्रिया पूरी कर डॉक्टरों को भर्ती किया जाएगा।'
-नितेश झा, सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा
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