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बजट 2017-18 से होंगे ये बड़े फायदे, आएंगे अच्छे दिन

Fri, 03 Feb 2017 06:35 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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वित्तमंत्री अरुण जेटली - फोटो : PTI
बजट 2017-18 देश की जनता के लिए अच्छे दिन लाएगा। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि विशेषज्ञों का ऐसा मानना है। आइए जानते हैं क्या फायदे होने वाले हैं... बढ़ते एनपीए (नोन परफॉर्मिंग एसेट) से घाटे में चल रहे बैंक जल्द ही मुनाफे में लौटेंगे। लोन सस्ते होंगे। स्टार्टअप अब घाटे की वजह से बंद नहीं होंगे। कॉल सेंटर में नौकरियां बढ़ेंगी। यह कोई घोषणाएं नहीं बल्कि बुधवार को पेश हुए बजट का दूरगामी परिणाम हैं।
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money
चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव साहनी के मुताबिक सरकार ने बजट में कई ऐसी घोषणाएं की हैं, जो कि भले ही लुभावनी न हों लेकिन बजट को गहराई से समझने के बाद देखें तो यह शानदार है। पेश है बजट का विश्लेषण राजीव साहनी की जुबानी....
 
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money
-कॉपरेटिव बैंक को अब एनपीए का इंटरेस्ट मिलने के बाद ही टैक्स देना होगा। मसलन, अगर आपने कॉपरेटिव बैंक से लोन लिया है और वह एनपीए की श्रेणी में आ गया है तो उस पर लगने वाले इंटरेस्ट पर बैंक ग्राहक से पैसा आए बिना भी टैक्स देते थे। लेकिन बजट के मुताबिक, अब ग्राहक से इंटरेस्ट वसूलने के बाद ही उसका टैक्स देना होगा। इससे कॉपरेटिव बैंकों को नई जान मिलेगी और वह ज्यादा लोन दे पाएंगे।
 

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tax
-बैंकों के एनपीए पर अभी तक 7.50 प्रतिशत प्रोविजनिंग थी जो अब बढ़ाकर 8.50 प्रतिशत हो गई है। मसलन, अगर किसी बैंक का एनपीए एक हजार करोड़ रुपये है तो उसमें पहले 75 करोड़ रुपये तक कोई टैक्स नहीं देना था। अब इसके बजाए 85 करोड़ रुपये पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। 31 प्रतिशत टैक्स लगता है तो सीधे बैंक को तीन करोड़ 10 लाख का फायदा हो गया। इससे बैंकों के पास पैसा बचेगा तो वह सस्ते और ज्यादा लोगों को लोन दे सकेंगे।
 
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प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस - फोटो : डेमो फोटो
-अभी तक किसी और की जमीन पर घर बनाने के मामले में घर बनाने के साथ ही टैक्स लगना शुरू हो जाता था। आम बजट के नए प्रावधानों के हिसाब से ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट में परिवर्तन हुआ है। यानी अब घर के लिए जमीन देने वालों पर थोड़ा-थोड़ा टैक्स लगेगा। एक साथ सीधा टैक्स नहीं लगेगा।
 
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जमीन
-अभी तक जमीनों के कैपिटल गेन में 1-4-1981 के सर्किल रेट चलते थे। मसलन, अगर इस हिसाब से आपकी जमीन का सर्किल रेट चार रुपये स्क्वायर मीटर था और आज आपने 20 लाख रुपये बीघा जमीन बेची है तो सर्किल रेट के हिसाब से वह 7.50 लाख रुपये की हुई। बचे हुए 12.50 लाख रुपये कैपिटल गेन पर 20 प्रतिशत की दर से टैक्स 2.50 लाख रुपये बैठता था। अब नए प्रावधान में सर्किल रेट 1-4-2011 के हिसाब से काउंट होगा। इस हिसाब से प्रति स्क्वायर मीटर सर्किल रेट कम से कम 600 से 700 रुपये होगा। यानी आपकी एक बीघा जमीन करीब 14 से 15 लाख रुपये की हुई। कैपिटल गेन में 150 रुपये स्क्वायर मीटर की कमी आई। यानी 20 लाख रुपये की जमीन बेचने पर 12.50 लाख के बजाए करीब पांच से छह लाख रुपये पर 20 प्रतिशत टैक्स देना होगा जो कि करीब एक लाख से 1.20 लाख रुपये होगा। 
 
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स्टार्टअप : अभी तक के नियम के हिसाब से स्टार्टअप अगर लॉस में जाता था और 51 प्रतिशत से ज्यादा शेयर चेंज हो जाते थे तो स्टार्टअप का लॉस खत्म हो जाता था। लेकिन अब अगर स्टार्टअप लॉस में जाएगा और कुछ पुराने शेयर होल्डर जुड़े होंगे तो नए शेयर धारकों के साथ मिलकर उस लॉस को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे निश्चित तौर पर कंपनियां बंद नहीं होंगी, जिससे रोजगार बढ़ेगा।

कॉल सेंटर : अभी तक कॉल सेंटर की सर्विस लेने वाली कंपनी दस प्रतिशत टीडीएस काटकर पैसा कॉल सेंटर को देती थी। यानी अगर एक लाख रुपये चार्ज है तो उसके बजाए 90 हजार रुपये दिए जाते थे। इससे बेहद कम मार्जिन पर काम करने वाले कॉल सेंटर बंद हो जाते थे। लेकिन अब यह टीडीएस 10 से घटाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। यानी अब केवल दो हजार रुपये कटेंगे। कॉल सेंटर बंद नहीं होंगे तो रोजगार बढ़ते रहेंगे।
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