निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ता भी मनमानी पर उतर गए। चिल्ड्रन्स एकेडमी में प्रदर्शन के दौरान छात्रनेताओं ने जमकर तोड़फोड़ की। स्कूल का फर्नीचर, गमले आदि तोड़ डाले। धक्कामुक्की में स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी चोटिल हो गए।
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शुक्रवार सुबह 08:30 बजे अभाविप कार्यकर्ता पारस गोयल के नेतृत्व में चिल्ड्रन्स एकेडमी पहुंचे। स्कूल प्रबंधन से बातचीत में छात्रों ने शुल्क बढ़ोतरी तत्काल खत्म करने की मांग की। इस बीच स्कूल अधिकारियों से कहासुनी हुई तो छात्र भड़क गए। आरोप है कि छात्रों ने कार्यालय में घुसकर शीशे, गमले तोड़ दिए। फर्नीचर पलट दिया।
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स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल इंद्रजीत पुरी (रि.) ने आरोप लगाया कि छात्रों ने तोड़फोड़ के अलावा कार्यालय में मौजूद अकाउंटेंट और महिला रिसेप्शनिस्ट से अभद्रता भी की। उपप्राचार्य विशाल गुप्ता का कहना था कि छात्र पहले से तोड़फोड़ का इरादा करके आए थे।
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बाद में स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों ने एसएसपी पुष्पक ज्योति से मुलाकात
की। पुलिस ने पारस समेत करीब 25 छात्रों के खिलाफ बलवे, मारपीट, छेड़छाड़
और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
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मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने अभाविप के करनपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में छात्रों की तलाश में छापा मारा।
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कुछ ही देर बाद मसूरी विधायक गणेश जोशी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू से मुलाकात करने पहुंच गए। जोशी ने कहा कि छात्र फीस वृद्धि का विरोध करने गए थे, जहां स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोग अभद्रता करने लगे और झगड़ा शुरू कर दिया। जोशी ने कहा कि पुलिस ने बिना जाने अभाविप प्रदेश कार्यालय पर दबिश दी।
सवाल किया कि क्या कभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की वजह से कांग्रेस मुख्यालय पर ऐसी कार्रवाई हो सकती है? जोशी ने आरोप लगाया कि चिल्ड्रन्स एकेडमी के मालिक पर कई मुकदमे दर्ज हैं, उन पर ग्राम समाज की जमीन कब्जाने का भी आरोप है। डीजीपी ने मामले की जांच का भरोसा दिया तब जाकर विधायक शांत हुए।