सौतेली बेटी को जघन्य तरीके से मौत के घाट उतारने वाली मीनू कौर को किसी तरह का मलाल नहीं है। पुलिस हिरासत में वो यह कहने से नहीं चूकी कि जो हुआ ठीक हुआ। 18 साल से बाप-बेटी से बहुत टार्चर किया। किसी ने उसकी भावनाओं को नहीं समझा। उसका कोई वजूद नहीं था। पहले बाप ने नहीं सुनी, अब बेटी नहीं सुनती थी।