प्राप्ति सिंह के मौसा सुनील का कहना है कि मां-बेटी में झगड़ा तो था, मगर उसका यह अंजाम होगा, कभी सोचा नहीं था। देहरादून में रहने के कारण वह अक्सर परिवार के संपर्क में रहते थे। कई बार दोनों के बीच मनमुटाव को दूर कराने की कोशिश भी की। झगड़े तो हर घर में होते है। प्राप्ति सिंह का कसूर क्या था, जो उसे इतनी बड़ी सजा दी गई। वो चाहते है कि घटना में जो भी शामिल रहे है, उनके चेहरे बेनकाब होने चाहिए।