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कॉम्प्लेक्स धमाका: विस्फोट की आवाज से दहल गया पूरा इलाका, मच गई चीख-पुकार, तस्वीरों में देखें मंजर..

Fri, 15 Mar 2019 10:05 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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blast, धमाका - फोटो : अमर उजाला
गीता टॉवर कॉम्प्लेक्स में हुआ विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि दूर-दूर तक पूरा इलाका दहल गया। आसपास रहने वाले परिवार तो दहशत में आ गए। चीख-पुकार के बीच उन्हें बच्चों के साथ घरों से बाहर निकलने की राह ही सूझी। बाहर भी घनघोर अंधेरा ही था। उस वक्त सुबह के 4.35 बज रहे थे। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि हुआ क्या है। 
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कांप्लेक्स में धमाका - फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल से दूर आईटीबीपी का रीजनल सेक्टर भी है। ऐसे में विस्फोट को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ गई। घटनास्थल पर आए अधिकांश लोग यह मानने को तैयार नहीं थे कि कॉम्प्लेक्स का धमाका साधारण था। पड़ोसी नंदिनी का कहना था कि धमाके से उनका पूरा मकान हिल गया था। खिड़कियों के शीशे टूटने के साथ शटर के टुकड़े दीवारों से टकराए। उस समय हम नींद में थे। धमाका सुनकर झटके से आंखें खुलीं तो बिजली गायब थी। 
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कांप्लेक्स में धमाका - फोटो : अमर उजाला
अंधेरा होने के कारण माहौल खौफजदा हो गया। छोटे बच्चे तो चीखने-चिल्लाने लगे थे। परिवार के सदस्यों को वे बाहर लेकर आए तो कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में आग देखकर उनका खौफ थोड़ा कम हुआ। गगन सियाल के परिजनों ने बताया कि विस्फोट में उनके मकान के शीशे भी टूट गए। पहले तो समझ नहीं पाए थे कि आखिर क्या हुआ। बाहर आकर कॉम्प्लेक्स में धमाके का पता चला। होटल व्यावसायी रसिक भाटिया का कहना था कि विस्फोट कैसे हुआ, यह तो पुलिस अधिकारी जांच के बाद ही बता पाएंगे। 

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कांप्लेक्स में धमाका - फोटो : अमर उजाला
लेकिन, धमाके की आवाज से काफी दूर तक रहने वाले लोग सहम गए है। सीमेंट कारोबारी अभिषेक कालरा ने बताया कि कॉम्प्लेक्स की पहली मंजिल पर उनके ऑफिस में काफी नुकसान हुआ है। पड़ोसी आशुतोष गोयल ने बताया कि धमाके में काफी मकानों को नुकसान पहुंचा है। 
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कांप्लेक्स में धमाका - फोटो : अमर उजाला
वरुण की दीवार भी क्षतिग्रस्त हुई है। गीता टॉवर कॉम्प्लेक्स में विस्फोट दिन के समय में होता तो बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता है। बसंत विहार का यह इलाका बेहद भीड़भाड़ वाला है। खासतौर से शाम के समय यहां बरगर, चिकन और फास्ट फूड खाने वालों का जमावड़ा रहता है। 
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कांप्लेक्स में धमाका - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में बार-बार लोग यही कह रहे थे कि अच्छा हुआ कि उस समय यहां कोई नहीं था। भाजपा नेता दिनेश रावत का कहना था कि  यह कॉम्प्लेक्स देर रात खुला रहता है, जहां पर अराजक तत्वों का जमावड़ा रहता है। कई तरह के झगड़े के कारण पुलिस से भी शिकायत की गई। रावत का कहना था कि पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कराई जाए, ताकि पूरा सच सामने आ सके। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती ने घटनास्थल का अवलोकन कर सवाल उठाया कि रेस्टोरेंट बेसमेंट में कैसे चल रहा था। 
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कांप्लेक्स में धमाका - फोटो : अमर उजाला
बसंत विहार पुलिस को एमडीडीए के अधिकारियों से बात करने को कहा, ताकि यह साफ हो सके कि क्या बेसमेंट में रेस्टोरेंट चलाया जा सकता है। यदि नहीं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। बसंत विहार एसओ हेमंत खंडूरी ने बताया कि इस मामले में विधिक राय लेकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। 

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कांप्लेक्स में धमाका - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राहुल गांधी की रैली से एक दिन पहले बसंत विहार इलाके में हुए विस्फोट ने पुलिस अधिकारियों को बेचैन कर दिया। यही वजह थी कि जिला पुलिस के अलावा जांच पड़ताल को एसटीएफ की डीआईजी रिधिम अग्रवाल और बम डिस्पोजल टीम को मौके पर भेजा गया था, ताकि यह साफ हो सके कि विस्फोट में किसी शरारती तत्व का हाथ तो नहीं है। जांच पड़ताल के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।  

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कांप्लेक्स में धमाका - फोटो : अमर उजाला
गीता टॉवर कॉम्प्लेक्स में विस्फोट के बाद शटर के टुकड़े बेहद तेज गति से बाहर की तरफ उड़े है। कॉम्प्लेक्स की साइड में लगे एक पेड़ में शटर के टुकड़े घुस गए। एक पेड़ से तो शटर का एक हिस्सा पूरी तरह लिपट गया है। कुदरत का करम रहा कि उस समय घटनास्थल के आसपास कोई नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।  
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कांप्लेक्स में धमाका - फोटो : अमर उजाला
धमाके की आवाज घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर इंदिरा नगर पुलिस चौकी तक सुनाई दी। चौकी प्रभारी धनीराम पुरोहित ने बताया कि वह गश्त के  दौरान उस समय पुलिस चौकी पहुंचे थे तो उन्हें धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाके का कारण जानने को वह फिर सड़क पर आ गए। गश्त करते समय सबसे पहले वह यहां आए थे, तब बेसमेंट के अंदर आग लगी थी। बिजली आपूर्ति बंद कराने के बाद फायरकर्मियों ने पानी डालकर आग को बुझाया था।  
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