कांग्रेसियों की नींद उड़ाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने अब लालकुआं और भीमताल सीट से भाजपा के संभावित प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ा दी है। कांग्रेस आलाकमान से टिकट की उम्मीद छोड़ चुके पूर्व मुख्यमंत्री तिवारी अपने पुत्र रोहित शेखर तिवारी को अब भाजपा से चुनाव लड़ाना चाहते हैं। भाजपा आलाकमान भी इसके लिए मन बना चुका है।
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Rahul Gandhi
- फोटो : ANI
मामला लालकुआं और भीमताल की सीट के बीच फंस गया है। इसी असमंजस में रोहित शेखर तिवारी अभी तक भाजपा का ‘कमल’ हाथों में नहीं पकड़ पाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण तिवारी बेटे रोहित शेखर तिवारी को सक्रिय राजनीति में उतारना चाहते हैं। पिछले साल से बेटे को राजनीति में स्थापित करने की भूमिका तैयार हो रही है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी से रोहित के लिए टिकट की दावेदारी कर चुके हैं।
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सोनिया
- फोटो : Getty
कांग्रेस आलाकमान से अभी तक सिर्फ मायूसी मिली है। 2017 में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में रोहित के लिए भाजपा से ही टिकट विकल्प है। रोहित खुद स्वीकार चुके हैं वे न कांग्रेसी हैं न सपाई। बेहतर विकल्प मिलने पर किसी भी पार्टी से चुनाव लड़ सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री तिवारी के भाजपा के बड़े नेताओं से मधुर राजनीतिक संबंध जगजाहिर हैं। एनडी तिवारी के 92वें जन्मदिन समारोह में भाजपा नेताओं की उनसे नजदीकियां राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं में रही हैं।
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एनडी तिवारी
सूत्रों के मुताबिक भाजपा भी एनडी तिवारी के नाम पर रोहित पर दांव खेलकर सीटें बढ़ाना चाहती है। रोहित के टिकट के लिए भाजपा आलाकमान सहमति दे चुका है। रोहित भाजपा के सिंबल पर चुनाव लड़ते हैं तो प्रदेश की कई सीटों में भाजपा को एनडी तिवारी के नाम का फायदा मिलेगा।
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BJP
सूत्रों के मुताबिक भाजपा रोहित को लालकुआं या फिर भीमताल से मैदान में उतारना चाहती है। भीमताल में एनडी तिवारी का पैतृक गांव है। यहां भाजपा के पास जिताऊ चेहरा नहीं है। भीमताल से भाजपा के दर्जन भर दावेदार हैं। भाजपा रोहित पर दांव खेलकर जीत देख रही है।
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nd tiwari
- फोटो : अमर उजाला
लालकुआं सीट भी रोहित के लिए मुफीद हो सकती है। इस सीट पर बिंदुखत्ता सबसे बड़ा वोट बैंक है। बिंदुखत्ता में एनडी तिवारी के समर्थकों का एक बड़ा वर्ग है। एनडी तिवारी के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान ही वन भूमि पर बिंदुखत्ता बसाया गया। एनडी तिवारी की हल्दूचौड़ और आसपास में रिश्तेदारी भी हैं। गौलापार और चोरगलिया भी एनडी तिवारी का प्रभाव क्षेत्र है।
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कांग्रेस रैली
लालकुआं सीट पर रोहित को भितरघात के शिकार होने का डर भी है। यहां से नवीन दुम्का और हेमंत द्विवेदी प्रबल दावेदार हैं और तैयारी में जुटे हैं। ऐन वक्त रोहित की लांचिंग होने से भाजपा गुटबाजी का शिकार होकर नुकसान उठा सकती है। भाजपा के बड़े नेता और रोहित सीट की इसी माथापच्ची पर उलझे हैं। जल्द ही सीट फाइनल होने के साथ रोहित की भाजपा में ज्वाइनिंग की उम्मीदें लगाई जा रही हैं।
20 नवंबर से पहले सीट और पार्टी की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। मेरे पिता को जहां सम्मान मिलेगा, वही मेरी पार्टी होगी। लालकुआं और भीमताल ही नहीं मैं हल्द्वानी, रामनगर के अलावा ऊधमसिंह नगर जिले की किसी भी सीट से चुनाव लड़कर जीत सकता हूं।
- रोहित शेखर तिवारी