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शर्मनाकः उत्तराखंड के दो भाजपा विधायकों के बीच जुबानी जंग ने लोकतांत्रिक मर्यादा की सारी हदें तोड़ीं

Sun, 14 Apr 2019 10:15 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन/ विधायक देशराज कर्णवाल - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के दो विधायकों कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और देशराज कर्णवाल के बीच चल रही जुबानी जंग लोकतांत्रिक मर्यादा की सारी हदें तोड़ती जा रही है। झबरेड़ा विधायक कर्णवाल ने विधायक चैंपियन को मानसिक दिवालिएपन का शिकार बताते हुए कहा कि उनका इलाज आगरा के पागलखाने में कराया जाना चाहिए।
 
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कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन/ विधायक देशराज कर्णवाल - फोटो : अमर उजाला
साथ ही उन्होंने चैंपियन को चुनौती दी कि वे बॉडी दिखाकर और कुश्ती लड़कर दमखम दिखाने के बजाय रविवार को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर रुड़की नगर निगम के आंबेडकर पार्क में आकर विकास कार्यों में मुझसे मुकाबला करें। हाथों से गोली चलाने का इशारा करते हुए कर्णवाल ने कहा कि आज चुनौती का जवाब इस तरह दिया जाता है।

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भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल
शनिवार को हरिद्वार प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए विधायक देशराज कर्णवाल ने कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चैंपियन को जनता ने विकास कार्य कराने के लिए विधायक चुना है, लेकिन वे विकास कार्यों के प्रति गंभीर नहीं हैं। कर्णवाल ने कहा कि चैंपियन के चार बार के विधायक का कार्यकाल उनके दो साल के कार्यकाल के आगे फीका है।
 

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कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन - फोटो : अमर उजाला
विधायक कर्णवाल ने कहा कि मैंने विधानसभा में इतने ज्यादा सवाल और संकल्प याचिकाएं लगाईं, जितना चैंपियन ने चार बार के कार्यकाल में नहीं किया। उन्होंने अपने हाथ से गोली चलाने का इशारा करते हुए कहा कि अब जमाना कुश्ती लड़कर जवाब देने का नहीं है, बल्कि इसका है। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका इशारा गोली चलाने के बारे में है तो वे चुप रहे। अलबत्ता उन्होंने चैंपियन पर फर्जी चैंपियन होने का आरोप लगाया।
 
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कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन - फोटो : AmarUjala
अपने जाति प्रमाणपत्र के बारे में चैंपियन के सवालों पर कर्णवाल ने कहा कि इस बारे में पहले भी जांच हो चुकी है और सच्चाई सामने आ चुकी है। अब तो चैंपियन के खिलाफ जो मुकदमे दर्ज हैं, उसमें उनका जेल जाना तय है। कर्णवाल ने चैंपियन को गुर्जरों के हितों के खिलाफ काम करने वाला विधायक बताया। उन्होंने कहा कि गुर्जर बिरादरी के लोगों को विमुक्त जाति का प्रमाणपत्र मिलता था। इसके आधार पर बिरादरी के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को आरक्षण का लाभ मिलता था, लेकिन चैंपियन के अविवेकपूर्ण रवैये के चलते प्रदेश की एनडी तिवारी सरकार ने यह सुविधा समाप्त कर दी। उन्होंने कहा कि वे चैंपियन के मानसिक दिवालिएपन की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
 
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कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नरेश बंसल - फोटो : फेसबुक
चैंपियन की ओर से नेहरू स्टेडियम में आकर पंजा लड़ाने की चुनौती के बारे में कर्णवाल ने कहा कि मैं सुबह 10.30 बजे समर्थकों के साथ नेहरू स्टेडियम गया था, लेकिन मुझे पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नरेश बंसल और पूर्व विधायक चौधरी यशवीर सिंह ने सलाह दी थी कि मीडिया को लेकर न जाएं। लिहाजा मैंने मीडिया को नहीं बुलाया। काफी देर तक चैंपियन नहीं आए तो मैं चला आया। 
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