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यहां ऐसा हुआ सर्दी का 'सितम', बर्फ बन गए बहते हुए झरने और नदी, तस्वीरें देखिए...

Fri, 21 Dec 2018 12:22 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, जोशीमठ
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जम गए झरने
यहां मौसम में बढ़ी सर्दी से ऐसा हाल हो गया कि झरने और नदी तक जम गए। लोगों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल रहा है। उत्तराखंड में चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 
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जम गए झरने
नीती घाटी और औली में लगातार गिर रहे तापमान के कारण गदेरे और झरने जम गए हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गदेरों में बहती जलधारा जमने से निचले क्षेत्र जोशीमठ नगर के साथ ही तपोवन क्षेत्र के गांवों में पेयजल की समस्या हो गई है। जोशीमठ में इन दिनों तापमान माइनस 3, नीती घाटी में माइनस 18 है।
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जम गए झरने
तिब्बत (चीन) सीमा से जुड़ी नीती घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के गांवों में भोटिया जनजाति के ग्रामीण रहते हैं जो शीतकाल में निचले क्षेत्रों में चले जाते हैं। घाटी में इन दिनों सेना और आईटीबीपी के जवान ही रहते हैं जो कड़ाके की ठंड में भी सेवा दे रहे हैं। 

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जम गए झरने
कड़ाके की ठंड के कारण औली रोड के किनारे जगह-जगह झरने भी जम गए हैं और नीती घाटी में जलधाराएं बर्फ बनने से सुंदर आकृतियां उभर आई हैं। स्थानीय निवासी धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी के स्रोत बर्फ में तब्दील हो गए हैं, जिससे निचले क्षेत्रों में पेयजल समस्या बन गई है। 
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जम गए झरने
ग्रामीण प्राकृतिक स्रोतों से पेयजल आपूर्ति कर रहे हैं। इधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीके सैनी का कहना है कि निचले क्षेत्रों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 22 और 23 दिसंबर को ऊधमसिंह नगर और अन्य मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छा सकता है। 
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