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Bird Flu in Uttarakhand : लोगों को सता रहा बर्ड फ्लू का खतरा, अस्पताल पहुंच रहे मरीज

Tue, 12 Jan 2021 10:12 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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अस्पतालों में पहुंच रहे मरीज बर्ड फ्लू के मिलते-जुलते लक्षणों की शिकायत कर रहे
कोरोना की दहशत के बीच कुछ लोगों को बर्ड फ्लू का खतरा भी सताने लगा है। अस्पतालों में पहुंच रहे कुछ मरीज बर्ड फ्लू के मिलते-जुलते लक्षणों की शिकायत कर रहे हैं। डॉक्टर काउंसिलिंग कर मरीजों को न डरने और परेशान न होने की सलाह दे रहे हैं। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं फिजिशियन डॉ. कुमार जी. कॉल ने बताया कि इसे एच5एन1 (एवियन इन्फ्लूएंजा) भी कहा जाता है। यह एक वायरल संक्रमण है जो न केवल पक्षियों, बल्कि मनुष्यों और अन्य जानवरों को संक्रमित करता है।

Bird Flu: उत्तराखंड में बर्ड फ्लू की पुष्टि, रेड अलर्ट जारी, पोल्ट्री फार्मों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
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अप्रत्यक्ष रूप से दूषित उपकरणों के माध्यम से भी फैल सकता है - फोटो : अमर उजाला (file photo)
एवियन इन्फ्लूएंजा सबसे अधिक बार संक्रमित और स्वस्थ पक्षियों के बीच संपर्क से फैलता है। हालांकि यह अप्रत्यक्ष रूप से दूषित उपकरणों के माध्यम से भी फैल सकता है। यह वायरस संक्रमित पक्षियों के नथुने, मुंह और आंखों से स्राव के साथ-साथ उनके मल में भी पाया जाता है।  अगर आपको विशिष्ट फ्लू जैसे लक्षणों का अनुभव हो तो चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। हालांकि उत्तराखंड में बर्ड फ्लू का अभी कोई मरीज नहीं मिला है।
 
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बर्ड फ्लू का वायरस कठोर सतहों और वस्तुओं पर 48 घंटे तक जीवित रह सकता है - फोटो : पीटीआई (file photo)
बर्ड फ्लू के लक्षण

- खांसी, दस्त, सांस में तकलीफ, बुखार 38 डिग्री से अधिक, सिरदर्द मांसपेशी में दर्द, बहती नाक, गले में खराश। 
- बर्ड फ्लू का वायरस कठोर सतहों और वस्तुओं पर 48 घंटे तक जीवित रह सकता है।
 

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फ्लू मुख्य रूप से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है - फोटो : अमर उजाला (file photo)
इन बातों का रखें ख्याल

- वायरस के संपर्क में आने के बाद मरीज में यह एक से चार दिन के भीतर लक्षण दिखाना शुरू कर देता है।
- फ्लू मुख्य रूप से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। यदि फ्लू से कोई व्यक्ति छींकता है, खांसी करता है, या बातचीत करता है, तो उससे निकलने वाली बूंदें हवा में पहुंच जाती हैं। यदि यह बूंदें आपकी नाक या मुंह के संपर्क में आती हैं, तो आप बीमार भी हो सकते हैं।
-हाथ मिलाकर, गले लगने और छूने वाली सतहों या वायरस से दूषित वस्तुओं से भी फ्लू फैलता है। ऐसे में किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ बर्तन या पीने के चीजों को साझा न करें।
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अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें - फोटो : Social media
हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें

- हाथों को बार-बार साबुन से धोते रहें या अल्कोहल वाले हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें। इसके अलावा अनचाहे अपनी नाक और मुंह को हाथों से छूने से बचें।
- घर में कीटाणुनाशक वाइप्स या स्प्रे का उपयोग करें।
- फ्लू से ग्रस्त व्यक्ति की देखभाल करने के लिए फेस मास्क पहनें।
- खांसते और छींकते वक्त हाथों के बजाय अपनी कोहनियों का इस्तेमाल करें। 
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