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'पद्मावत' को लेकर हुआ एक और बड़ा खुलासा, पढ़ेंगे तो हैरान रह जाएंगे

Sun, 28 Jan 2018 06:09 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
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padmavat - फोटो : अमर उजाला
विरोध के बीच रिलीज हुई पद्मावत को लेकर अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पढ़ेंगे तो हैरान रह जाएंगे।
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि चित्तौड़ में ऐतिहासिक जौहर केवल पद्मावती या क्षत्राणियों ने नहीं किया था। उनके साथ जौहर करने वाली 16 हजार सरे्त्रयां सनातन धर्म के सभी वर्णरों और जातियों से जुड़ी हुई थी। अत: पद्मावती फिल्म का मुद्दा केवल पद्मिनी के वंशजों अथवा क्षत्रियों का नहीं है। यह मुद्दा पूरे सनातनी समाज का है। दुर्भाग्य से राजपूतों ने अलग आंदोलन चलाकर सभी से किनारा कर लिया।
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PADMAVATI
शारदापीठाधिश्वर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का बयान कनखल स्थित शकराचार्य मठ से उनके प्रधान शिष्य प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यहां जारी किया। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्मियों को साथ लेकर न चलने से न्यायालय में पद्मावती का पक्ष तरीके से नहीं रखा गया। ऐतिहासिक तथ्य है कि मुस्लिम आक्रांताओं ने हिन्दुओं ने अनेक हमले किए। विजयी होने पर मुस्लिम सैनिक हिन्दुओं की पत्नियों, माताओं और बहनों पर टूट पड़ते तथा उन्हें अपमानित करते।

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padmavati
ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि मुसलमानों ने जिसका अपमान किया, वह क्षत्राणी ही थी। चित्तौड़ विजय के बाद अलाउद्दीन खिलजी और उसके सैनिकों द्वारा अपमानित होने से बचने के लिए पद्मावती के साथ जिन हजारों स्त्रियों ने जौहर किया, वे मात्र राजपूत नहीं थी।
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padmavati
वे सनातन धर्म के सभी वर्णों और जातियों से आई स्त्रियां थी। आंदोलनकारियों ने ऐसा दिखाया मानो क्षत्राणियों ने ही अपने प्राण त्यागे हों और उन्हीं को अपमानित किया गया हो। मुस्लिम आक्रमणकारी आम हिन्दुओं को अपने जुल्म का शिकार बनाते थे।
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rani padmavati
जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि देश के सौहार्द को कायम रखना सबका दायित्व है। जिस तरह की हिंसा हुई, वह दुखदाई है। मुसलमानों ही नहीं अपितु अंग्रेजों की गोरी पल्टन ने भी महिलाओं पर अत्यचार किए। उन्होंने कहा कि वास्तविक हिंदू नरेश वीर शिवाजी थे। जब उन्होंने मुस्लिम बादशॉह को जीता तो मुस्लिम राजकुमारी उनके पास विवाह के लिए गई।

 
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Padmavati
शिवाजी ने उस स्त्री को हाथ जोड़कर कहा कि यदि हमारी मॉ भी इतनी सुंदर होती तो हम भी सुंदर पैदा हो जाते। लेकिन मुसलमान अत्याचार ही करते रहे। जगद्गुरु ने कहा कि न्यायालयों को कहीं मामलों का स्वत: संज्ञान भी लेना चाहिए।
 
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