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इस सैंक्चुरी के रहस्य से यूनेस्को हुआ हैरान, बनेगी आठवीं वर्ल्ड हेरिटेज

Sun, 01 Jan 2017 12:16 AM IST
रजा शास्त्री/अमर उजाला, देहरादून
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नए साल में देश को एक और तोहफा मिलने वाला है। उड़ीसा की भीतर कनिका सैंक्चुरी देश का आठवां प्राकृतिक वर्ल्ड हेरिटेज बनने जा रही है। यहां पर ओलिव रिडले नाम के कछुवे लाखों की तादाद में आते हैं और अंडे देते हैं।
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ये स्थल इन कछुवों को क्यों भाता है, यह प्रकृति का रहस्य है। दुनिया का यही इकलौता समुद्र तट है जहां इतनी बड़ी संख्या में ओलिव रिडले आते हैं। इसे वर्ल्ड हेरिटेज बनाए जाने के संबंध में यूनेस्को ने हरी झंडी दे दी है, अब सिर्फ प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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bhitarkanika - फोटो : INDIAWATEPORTAL
देहरादून स्थित विश्व के पहले यूनेस्को प्राकृतिक विश्व विरासत केंद्र केटगरी-2 ने उड़ीसा में भीतर कनिका सैंक्चुरी को प्राकृतिक विश्व धरोहर बनाए के संबंध में प्रस्ताव यूनेस्को के समक्ष प्रस्तुत किया था। इस पर यूनेस्को और आईसीयूएन की टीम ने इस क्षेत्र का दौरा किया।

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लाखों की संख्या में समुद्र तट पर धूप में आराम फरमाते कछुवों का दृश्य देख यूनेस्को की टीम मंत्रमुग्ध हो गई और इसे ‘चमत्कारिक’ बताया। विश्व में यही एक ऐसी जगह हैं, जहां इतनी बड़ी संख्या में और एक ही समय में कछुवे अंडे देेने के लिए आते हैं।
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ओलिव रिडले कछुवे इस तट पर अक्तूबर-नवंबर के महीने में आते हैं और अप्रैल तक यहां रहते हैं। इसके बाद फिर समुद्र के अंदर चले जाते हैं। लाखों कछुवों को एक साथ मौज-मस्ती करते हुए देखने के लिए विश्व भर के पर्यटक इस सीजन में यहां आते हैं।
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विश्व विज्ञानियों को यह एक बात भी हैरत में डालती है कि  ओलिव रिडले को यह स्थान अंडे देने के लिए क्यों सुरक्षित लगता है। भीतर कनिका को नए साल में प्राकृतिक विश्व धरोहर घोषित किया जाएगा। इस प्राकृतिक विश्व धरोहर के संबंध में जरूरी जवाब 31 जनवरी तक यूनेस्को को दिए जाने हैं। इसके बाद जुलाई की बैठक में इस पर घोषणा संभावित है।
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भीतर कनिका को प्राकृतिक विश्व धरोहर घोषित करने की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। इसे वर्ष 2017 के लिए शेड्यूल किया गया है। इतनी बड़ी संख्या में ओलिव रिडले कछुवे और कहीं नहीं आते हैं। यूनेस्को और आईसीयूएन की टीम ने भीतर कनिका का दौरा कर लिया है।
-डॉ. वीबी माथुर, निदेशक यूनेस्को प्राकृतिक विश्व धरोहर केंद्र, श्रेणी-2

अन्य प्राकृतिक विश्व धरोहर
फूलों की घाटी, ग्रेट हिमालय नेशनल पार्क, भातपुर केवला देवखाना बर्ड सैंक्चुरी, काजीरंगा, मानस सैंक्चुरी, सुंदर वन, वेस्टर्न घाट
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