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Uttarakhand: देश- विदेश के पर्यटकों के पसंदीदा वेदनी बुग्याल की खूबसूरती पर दाग, लीकेज होने से सूखा कुंड

Fri, 06 Dec 2024 12:55 PM IST
रेनू सकलानी यशवंत बडियारी, संवाद न्यूज एजेंसी, देवाल (चमोली)।

सार

वेदनी, ऑली बुग्याल, रूपकुंड, भीकलताल, ब्रह्मताल बुग्यालों में हर साल देश- विदेश के हजारों पर्यटक आते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों से वन विभाग की लाखों की आय भी होती है। लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण इस बुग्याल की हालत बिगड़ती जा रही है।
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वेदनी बुग्याल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देश- विदेश के पर्यटकों का पसंदीदा व खूबसूरत पर्यटन स्थल वेदनी बुग्याल का कुंड सूख गया है। वहीं मखमली बुगी व मामचा घास के इस बुग्याल को जंगली सुअरों ने खोद डाला है। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के वेदनी बुग्याल प्राकृतिक रूप से बहुत सुंदर है। यहां हर साल देश- विदेश से हजारों पर्यटक पहुंचते हैं।

पूर्वी पिंडर रेंज देवाल के अंतर्गत वेदनी, ऑली बुग्याल, रूपकुंड, भीकलताल, ब्रह्मताल हैं। इन बुग्यालों में हर साल देश- विदेश के हजारों पर्यटक आते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों से वन विभाग की लाखों की आय भी होती है। लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण इस बुग्याल की हालत बिगड़ती जा रही है।

वेदनी बुग्याल के बीच में स्थित वेदनी कुंड इस बुग्याल का मुख्य आकर्षक का केंद्र है। वाण गांव निवासी और पूर्व रेंजर त्रिलोक सिंह बिष्ट ने बताया कि कुंड गाद से भर गया है। वहीं लीकेज होने से कुंड में पानी ही नहीं है। यही नहीं जंगली सुअरों ने कुंड के आसपास और पूरे बुग्याल में फैली घास को भी खोदकर बुग्याल का स्वरूप बिगाड़ दिया है।
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वेदनी बुग्याल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धार्मिक मान्यता से जुड़ा है वेदनी कुंड
इस कुंड का पर्यटन के साथ धार्मिक महत्व भी है। हर साल अगस्त- सितंबर माह में आयोजित श्रीनंदा लोकजात यात्रा में मां नंदा की डोली कुंड के चारों ओर परिक्रमा करती है। वहीं यात्रा में पहुंचे श्रद्धालु वेदनी कुंड में स्नान कर अपने पित्रों को तर्पण देकर श्राद्ध करते है। सितंबर माह तक यह कुंड पानी से भरा था। लेकिन इन दिनों यह कुंड सूख गया है।
 
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वेदनी बुग्याल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देश-विदेश से आते हैं पर्यटक
क्षेत्र के बुग्यालों में हर साल देश- विदेश से पर्यटक आते है। कोरोनाकाल में पर्यटकों की संख्या में कमी आई। लेकिन अब पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। वन विभाग यहां आने वाले पर्यटकों से शुल्क लेता है। बुग्यालों से वन विभाग को हर साल लाखों की आय भी होती है, लेकिन विभाग बुग्यालों के संरक्षण के लिए प्रयास नहीं कर पाया।

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वेदनी बुग्याल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्व पिंडर रेंज के बुग्यालों से वन विभाग की आय
वर्ष                         पर्यटकों की संख्या             धनराशि लाख में
2021                         4523                                     2241460
2022                         5562                                     2682425
2023                         5720                                     2717077

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वेदनी बुग्याल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मैंने इसी सप्ताह यहां का कार्यभार ग्रहण किया। यह मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है। शीघ्र इस मामले की जानकारी ली जाएगी। वेदनी कुंड के संरक्षण व बुग्याल को संरक्षित करने के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी। - मनोज देवराड़ी, रेंजधिकारी, पूर्वी पिंडर रेंज देवाल।
 
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