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पांडवों का बनाया मंदिर, यहां जमीन से निकला शिवजी का मुख

Sun, 24 May 2015 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड स्थित गढ़वाल की पहाड़ियों पर स्थित प्राचीन मंदिर देव दर्शन के साथ प्रकृति के ऐसे भव्य नजारे कराते हैं कि आपका मन वहीं रम जाय। आगे तस्वीरों में देखिए ऐसा ही एक मंदिर...
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पांडवों का बनाया मंद‌िर, यहां जमीन से न‌िकला श‌िवजी का मुख

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ऐसा ही मंद‌िर है उत्तराखंड चमोली ज‌िले में स्थ‌ित भगवान रुद्रनाथ धाम। रुद्रनाथ को पंचकेदारों में से एक चतुर्थ केदार का दर्जा प्राप्त है।
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पांडवों का बनाया मंद‌िर, यहां जमीन से न‌िकला श‌िवजी का मुख

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कहा जाता है क‌ि इस मंद‌िर का न‌िर्माण पांडवों ने ‌तब क‌िया था जब वे कौरवों को हराने के बाद प्रायश्च‌ित करने के ल‌िए ह‌िमालय की पहाड़‌ियों पर आये थे।

पांडवों का बनाया मंद‌िर, यहां जमीन से न‌िकला श‌िवजी का मुख

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मंदिर तक पहुंचने के लिए 19 किमी की कठिन पैदल दूरी तय करनी पड़ती है, लेक‌िन ट्रैक से जब कोई गुजरता है तो प्रकृत‌ि के भव्य नजारे आपका मन मोह लेते हैं।
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पांडवों का बनाया मंद‌िर, यहां जमीन से न‌िकला श‌िवजी का मुख

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रुद्रनाथ पैदल ट्रैक पर दूर-दूर बुग्याल (पहाड़ पर घास के हरे-भरे मैदान) फैले हैं।
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पांडवों का बनाया मंद‌िर, यहां जमीन से न‌िकला श‌िवजी का मुख

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रुद्रनाथ मंदिर के पैदल मार्ग पर कई जगहों पर हिमखंड पसरे हुए हैं। तीर्थयात्री इन्हीं हिमखंडों के ऊपर से होकर रुद्रनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं।
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कहा जाता है क‌ि पांडव भगवान श‌िव की खोज के ल‌िए ह‌िमालय आये श‌िव बैल का रूप धर गायब हो गए गए और पांच अलग-अलग जगहों पर प्रकट हुए।
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जहां भगवान शंकर का स‌िर न‌िकला उसे आज रुद्रनाथ धाम के नाम से जाना जाता है।
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