उच्च हिमालय की तलहटी में मीलों दूर तक फैले बुग्यालों ने इन दिनों रंग-बिरंगे फूलों की चादर ओढ़ ली है। चोपता, दुगलबिट्टा, बनियाकुंड, चंद्रशिला, मद्महेश्वर, केदारनाथ क्षेत्र, बासुकीताल, खाम बुग्याल की रौनक देखते ही बन रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन के चलते तीन महीनों से इन क्षेत्रों में मानवीय हस्तक्षेप नहीं है, ऐसे में यहां घास समेत अन्य वनस्पतियों की प्रजातियों की सेहत सुधरी है। रुद्रनाथ ट्रेक को तो प्लास्टिक फ्री जोन भी घोषित कर दिया गया है।
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यहां भृंगराज, पीपली घास, कनफुल्या समेत नीले, पीले, बैंगनी, लाल समेत अन्य प्रजाति के फूल खिले हैं। बीते सालों के मुकाबले बुग्यालों में मखमली घास भी बहुत अच्छी हुई है।
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बुग्यालों के ऊपरी क्षेत्र में ऐसी वनस्पतियां उगी हैं, जो विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी थीं। कर्मचारी इन दिनों बुग्यालों का दौरा कर रहे हैं और ऐसी दुर्लभ प्रजाति की वनस्पतियों का ब्योरा तैयार कर रहे हैं।
बुग्यालों की सेहत सुधारने में लॉकडाउन अहम साबित हुआ है। बुग्यालों के ढलान वाले क्षेत्रों में मीलों तक रंग-बिरंगे फूल खिले हैं, जो वहां की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं। -अमित कंवर, डीएफओ, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग।