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31 जनवरी को है माघ पूर्णिमा, भूलकर भी न करें ये काम वरना होगा बड़ा नुकसान

Wed, 31 Jan 2018 11:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून - फोटो : self
इस बार माघ पूर्णिमा 31 जनवरी 2018 दिन बुधवार को पड़ रही है। इसी दिन चंद्रग्रहण भी है। बता दें कि यह 2018 का पहला चंद्रग्रहण है, लेकिन इस दिन एक छोटी गलती आपको मुश्किल में डाल सकती है।
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- फोटो : अमर उजाला
पूर्णिमा के लिए कहा जाता है कि इस दिन लोगों को भूलकर भी ये काम नहीं करना चाहिए। अगर करेंगे तो बड़ी मुश्किल हो सकती है। ज्योतिषाचार्य गोविंद गुसाईं के मुताबिक पूर्णिमा की रात मोटरसाइकिल दुर्घटना होने की आशंका अधिक रहती है। 
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सुपर मून - फोटो : self
पूर्णिमा के कारण चांद अधिक बड़ा और रात को आसमान में अधिक चमकदार होता है। इसके चलते ड्राइवर में क्षणिक मनबहलाव यानी ध्यान भटकने की हल्की सी गुंजाइश भी सड़क हादसों को न्यौता देती है। मोटरसाइकिल सवार इससे अधिक प्रभावित होते हैं।

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चांदनी रात - फोटो : the wallpaper.com
इसी दिन साल 2018 का पहला चंद्रग्रहण भी है। इससे कुछ घंटों पहले सूतक लग जाएगा। माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से अमृत वर्षा करते हैं।
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सुपरमून - फोटो : amar ujala
धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार, इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा या किसी अन्य पवित्र में स्नान करना बहुत शुभ और लाभकारी माना जाता है। वहीं माघ पूर्णिमा की रात चावल से बनी खीर को छन्नी से ढ़ककर खुले आसमान में रखना चाहिए। दूध, चावल, चीनी इनका संबंध चांद और देवी लक्ष्मी से है। इस खीर को अगले दिन सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण करना चाहिए।
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kheer
पौराणिक मान्यता है कि इस खीर में अमृत का अंश होता है जो आरोग्य सुख प्रदान करता है। इसलिए स्वास्थ्य रूपी धन की प्राप्ति के लिए शरद पूर्णिमा की रात खीर बनाना चाहिए। जबकि आर्थिक संपदा के लिए शरद पूर्णिमा को रात्रि जागरण का विधान शास्त्रों में बताया गया है। यही कारण है कि इसे को-जागृति यानी कोजगारा की रात भी कहा गया है।
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vishnu ji
कहते हैं कि इस रात देवी लक्ष्मी सागर मंथन से प्रगट हुईं थी। इसलिए इसे देवी लक्ष्मी का जन्मदिवस भी कहते हैं। अपने जन्मदिन के अवसर पर देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण के लिए आती हैं। इसलिए जो इस रात देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उन पर देवी की असीम कृपा होती है। इस रात देवी लक्ष्मी की पूजा कौड़ी से करना बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है। इस अवसर पर सत्यनारायण भगवान की पूजा का आयोजन कर सकते हैं।
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