रायपुर क्षेत्र में मारी गई नेपाल मूल की श्रेया को लेने के लिए उसकी छोटी बहन और रिश्तेदार देहरादून पहुंचे थे। पुलिस ने कोरोनेशन अस्पताल में उसकी लाश को परिजनों के हवाले किया। लगभग छह दिन पुरानी लाश का जब चेहरा खुला तो उसकी बहन चेहरे को देखकर चीख पड़ी।
बचपन से लेकर अब तक की सभी बातों को याद कर छोटी बहन के आंसू नहीं थम रहे थे। इसके बाद पुलिस के सहयोग से लक्खीबाग श्मशान घाट पर श्रेया का अंतिम संस्कार किया गया। श्रेया की रायपुर क्षेत्र में पिछले शनिवार की रात में लेफ्टिनेंट कर्नल रामेंदू उपाध्याय ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके बाद उसके शव को थानों मार्ग से सटे एक गांव के पास नाले में फेंक दिया था।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर किया और 72 घंटे तक परिजनों का इंतजार किया। इस बीच पिछले दिनों पुलिस का संपर्क श्रेया की छोटी बहन से हुआ था। वह अपने एक रिश्तेदार के साथ तीन दिन पहले नेपाल से देहरादून के लिए चली थी। यहां से वह पश्चिम बंगाल आई और फिर हवाई जहाज से दिल्ली। इसके बाद वह रिश्तेदार के साथ शनिवार को देहरादून पहुंची थी। वह पहले रायपुर थाने गए।