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चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क पर तैयार हुआ 100 फीट लंबा बैली ब्रिज, कैलाश मानसरोवर यात्रा होगी सुगम

Tue, 02 Jun 2020 11:59 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
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- फोटो : अमर उजाला
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर सीमा सड़क संगठन ने बूंदीगाड़ में बैली ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया है। पुल निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद सोमवार को सरकारी और कुछ प्राइवेट वाहन पुल से गुजरे। इस पुल के बनने से बरसात में वाहनों के संचालन में कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा भी सुगम हो जाएगी।
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चीन सीमा के लिए बन रही घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क के लिंक होने के बाद पिछले माह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सड़क का ऑनलाइन उद्घाटन किया था। सड़क पर कुछ स्थानों पर अभी पुल निर्माण और चौड़ीकरण होना है। हीरक परियोजना के तहत सड़क कटिंग के साथ ही बूंदीगाड़ और मालपा में पुलों का निर्माण भी चल रहा है।
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सोमवार को सीमा सड़क संगठन ने बुंदीगाड़ में 100 फीट लंबे बैली ब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया। बीआरओ के अधिकारियों की उपस्थिति में विधि विधान से पूजा-अर्चना के बाद पुल से वाहनों का मंगलवार से संचालन शुरू हुआ। बीआरओ के वाहनों के साथ ही कुछ प्राइवेट वाहन भी इस पुल से होकर गुजरे। पुल के उद्घाटन अवसर पर कर्नल सोमेंद्र बनर्जी, ओसी गुरतेज सिंह, एई पी मंडल, एई राहुल सिंह मौजूद रहे।

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वहीं, मालपा में भी डेढ़ सौ फुट लंबे बैली ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। सूत्रों के अनुसार अगले एक माह के भीतर इस पुल का निर्माण भी पूरा कर लिया जाएगा। अभी तक नदी मार्ग से ही वाहनों का संचालन हो रहा है। इस पुल के बनने से बरसात में भी बिना किसी रुकावट के वाहनों का संचालन होगा। सेना, आईटीबीपी, एसएसबी सहित स्थानीय लोगों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी। कैलाश यात्रा, छोटा कैलाश, ओम पर्वत की यात्रा भी सुगम होगी।
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उधर, बैली ब्रिज का निर्माण होने से व्यास घाटी के लोगों में खुशी है। पुल बनने के बाद ग्रामीण महिला-पुरुषों ने नाच-गाकर खुशी मनाई। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पिछले दो दशक से तैयार किया जा रहा है। चीन सीमा को जोड़ने वाली यह सड़क व्यास घाटी से होकर गुजरती है। सड़क नहीं होने से बूंदीगाड़, गर्ब्यांग, नपलच्यू, गुंजी, नावि, रांगकांग, कुटी गांवों के लोग पैदल ही माइग्रेशन पर जाते हैं।
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तवाघाट से मार्ग में पड़ने वाले तीव्र बहाव वाले नाले, खड़ी चढ़ाई के कारण तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब सड़क बनने से लोगों को यातायात की सुविधा मिलेगी। यहां के लोग लंबे समय से सड़क का सपना देखते आए हैं अब जाकर सीमांत के लोगों का सपना पूरा हुआ है।
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