उधर, बैली ब्रिज का निर्माण होने से व्यास घाटी के लोगों में खुशी है। पुल बनने के बाद ग्रामीण महिला-पुरुषों ने नाच-गाकर खुशी मनाई। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पिछले दो दशक से तैयार किया जा रहा है। चीन सीमा को जोड़ने वाली यह सड़क व्यास घाटी से होकर गुजरती है। सड़क नहीं होने से बूंदीगाड़, गर्ब्यांग, नपलच्यू, गुंजी, नावि, रांगकांग, कुटी गांवों के लोग पैदल ही माइग्रेशन पर जाते हैं।