उत्तराखंड के श्रीनगर में बैकुंठ चतुर्दशी के मौके पर हर साल कमलेश्वर महादेव मंदिर में खास अनुष्ठान आयोजित किया जाता है। मान्यता है कि इसे करने से निसंतान दंपतियों को संतान की प्राप्ति होती है।
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- फोटो : amar ujala
शनिवार को कमलेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में 365 रुई की बत्तियां भगवान शिव को अर्पित की गईं। खड़े दीये का अनुष्ठान आज शाम को आयोजित होगा।
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मान्यता है कि कमलेश्वर महादेव मंदिर में खड़े-खड़े हाथ में घी के दीये लेकर शिव भगवान की अर्चना करने पर निसंतान दंपतियों को संतान प्राप्ति होती है। हर साल सैकड़ों निसंतान दंपती खड़े दीये का अनुष्ठान करते हैं।
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सुख समृद्धि व निरोग्य जीवन की कामना के लिए देश भर से आए श्रद्धालु मंदिर में दीप दान करते हैं। वहीं, कोरोना संक्रमण के भय से इस बार 10 दिवसीय ऐतिहासिक बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का आयोजन नहीं होगा।
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कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट साथ लाने वाले दंपतियों को ही बैकुंठ चतुर्दशी के पर्व पर आयोजित होने वाले खड़ा दीया अनुष्ठान में शामिल होने की अनुमति मिलेगी।