badrinath
- फोटो : file photo
जिस दिन यह कलाई भुजा से टूटकर अलग हो जाएगी, उसी दिन विष्णुप्रयाग में स्थित जय और विजय पर्वत आपस में मिल जाएंगे और बदरीनाथ धाम का रास्ता बंद हो जाएगा। तब भगवान बदरीनाथ के दर्शन जोशीमठ के तपोवन क्षेत्र में स्थित भविष्य बदरी मंदिर में होंगे।