फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदरीनाथ धाम में कपाट बंद होने के समय सालों बाद हुआ ऐसा, देखने वाले भी रह गए हैरान, तस्वीरें

Mon, 20 Nov 2017 07:36 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 7
badrinath
बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के समय सालों बाद ऐसा ऐसा हुआ कि देखने वाले भी हैरान रह गए। तस्वीरें देखिए...
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 7
badrinath
भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के समय 17 सालों में पहली बार कपाट रात को बंद हुए। साथ ही बर्फबारी भी इस दौरान पहली बार हुई। रविवार शाम सात बजकर 28 मिनट पर बर्फवारी और कड़ाके की ठंड के बीच विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं।
विज्ञापन

3 of 7
badrinath
धार्मिक परंपरानुसार बदरीनाथ के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल और वेदपाठियों ने गुप्त मंत्रोच्चारण के साथ बदरीनाथ भगवान से छह माह तक के लिए विदा ली। कपाट बंद होने के मौके पर धाम में करीब पांच हजार से अधिक तीर्थयात्री मौजूद थे।

4 of 7
badrinath
रविवार तड़के से ही बदरीनाथ की महाभिषेक पूजा शुरू हो गई थी। धाम में वेद ऋचाओं का वाचन बंद होने से वेदपाठियों ने गुप्त मंत्रों से भगवान बदरीनाथ का आह्वान किया। धाम में धार्मिक प्रक्रियाएं दोपहर तक चलीं। बदरीनाथ के कपाट रविवार को दिन भर श्रद्धालुओं के लिए खुले रहे। शाम छह बजे से बदरीनाथ के मुख्य द्वार पर बदरीनाथ के वेदपाठी और संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों ने स्वस्ति वाचन और विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया।
विज्ञापन

5 of 7
badrinath
शाम साढ़े छह बजे धार्मिक परंपरा के अनुसार रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने माता लक्ष्मी का वेश धारण कर लक्ष्मी जी की प्रतिमा को बदरीनाथ गर्भगृह में रखा। इसके बाद माणा गांव की कन्याओं द्वारा निर्मित कंबल पर घी का लेप लगाकर भगवान बदरीनाथ को ओढ़ाया गया।
विज्ञापन

6 of 7
Snowfall in Badrinath - फोटो : AmarUjala
बदरीनाथ गर्भगृह से कुबेर जी, गरुड़ जी और उद्धव जी की प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाकर उत्सव डोली में रखा गया। सोमवार को आदि गुरु शंकराचार्य, कुबेर जी, गरुड़ जी और उद्धव जी की उत्सव डोलियां पांडुकेश्वर के लिए रवाना होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Snowfall in badrinath
आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी जोशीमठ नृसिंह मंदिर में विराजमान होगी। कपाट बंद होने के मौके पर बीकेटीसी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह, भूपेंद्र मैठाणी, राजेंद्र चौहान, आनंद रावत सहित धाम के सभी हक-हकूकधारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें