भगवान बदरी के धाम में उगने वाला यह पेड़ दुनिया को तबाही से बचाने की गुरबत रखता है। इसके साथ ही यह पेड़ अपने अंदर कई रहस्य छिपाए हुए है।
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ber tree
भगवान बदरीनाथ को प्रिय फल 'बदरी बेर' (हिपोफी सेलीसिफोलिया) पर ताजा शोध में कई चमत्कारिक बातों से पर्दा उठा है।
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badri ber
जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान की रिसर्च के मुताबिक औषधीय गुणों से भरपूर यह फल कैंसर को जड़ से खत्म करने में कारगर है।
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badri ber
इतना ही नहीं पहाडों पर उगने बाला ये पेड़ हिमालयी क्षेत्र की मृदा की सेहत सुधारने व भूकटाव रोकने में भी असरदार है।
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badrinath dham
रिसर्च के अनुसार बदरी बेर के पेड़ की जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की कमी को पूरा कर उसे अनुपजाऊ बनाती है। इस पेड़ की जड़ें मिट्टी को इस कदर बांधे रखती हैं कि संबंधित क्षेत्र में भू-कटाव व भू-क्षरण नहीं होता।
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- फोटो : getty images
वैज्ञानिक बदरी बेर का उत्पादन बढ़ाने के लिए उत्तराखंड की उच्च चोटियों वालों इलाकों में पौधालय तैयार कर रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
इन्होंने राज्य में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित इलाकों में वृहद पौधरोपण का खाका तैयार कर लिया है। ताकि वहां की मिट्टी की उपजाऊ बनाकर भूकटाव रोका जा सके।
भेषज के डॉ. विजय भट्ट ने हिंदी अखबार को बताते हुए कहा कि औषधीय गुणों वाले बदरी बेर पर शोध जारी है। इसके पेड़ों की जड़ों में मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने की जो खूबी सामने आई है, वह उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने वाली है। चूंकि यह भूकटाव व मिट्टी का क्षरण रोकने में भी असरदार है, इसलिए हमने उच्च इलाकों में भूस्खलन प्रभावित इलाके चिह्नित कर पौधरोपण का काम शुरू कर दिया है। इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे।