फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

GST के खिलाफ उतरा बाबा रामदेव का पतंजलि आयुर्वेद, गिनाए नुकसान

Tue, 30 May 2017 03:20 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : getty
बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद जीएसटी से खुश नजर नहीं आ रही है। पतंजलि योगपीठ ने केंद्र सरकार से कहा है कि आयुर्वेद उत्पाद के जरिये आम लोगों को सस्ती दर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा सकती हैं। लेकिन जीएसटी से इस काम में बाधा आएगी।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
gst give employment
उद्योग संगठन एसोसिएशन ऑफ मैनुफैक्चरर्स ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिंस (एएमएएम) ने भी कहा कि एक तरफ जहां सरकार आक्रमक तरीके से वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद को बढ़ावा दे रही है वहीं जीएसटी के तहत अधिक कर से कुदरती दवाएं महंगी होंगी।

 
विज्ञापन

3 of 5
पंतजलि फूड एंड हर्बल पार्क - फोटो : amar ujala
संगठन का कहना है कि 12 प्रतिशत के बजाए आयुर्वेदिक या जेनेरिक दवाएं शून्य और पेटेंटशुदा उत्पादों के लिये 5 प्रतिशत होना चाहिए। फिलहाल आयुर्वेदिक दवाएं और उत्पादों में वैट समेत कुल कर प्रभाव 7 प्रतिशत है जो जीएसटी व्यवस्था के तहत 12 प्रतिशत हो जाएगा। इसके बाद आयुर्वेदिक दवाएं महंगी हो जाएंगी।

 

4 of 5
patanjali
पतंजलि योगपीठ के प्रवक्ता एसके तिजारावाला के मुताबिक आयुर्वेदिक श्रेणी पर उच्च जीएसटी दर हमारे लिये निराशाजनक है। आयुर्वेद आम लोगों को सस्ती दर पर इलाज सुविधा उपलब्ध कराता है। ऐसे में उच्च कर लगाना उपयुक्त नहीं है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Ayurveda
एएमएएम के महासचिव प्रदीप मुलतानी ने इसी प्रकार की राय जाहिर करते हुए कहा, भारत सरकार आक्रमक तरीके से आयुर्वेदिक उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दे रही है लेकिन ऊंची कर लगाने के बाद इसका क्या मतलब है और देश में लोग इसका वहन नहीं कर सकते? उन्होंने कहा, जब प्रधानमंत्री आयुष को बढ़ावा देने के लिये कदम उठा रहे हैं, ऐसे में उक्त कदम दुर्भाग्यपूर्ण है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें