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सीताराम येचुरी के बयान पर भड़के बाबा रामदेव, पुलिस में दर्ज कराया मुकदमा

Sun, 05 May 2019 10:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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माकपा नेता सीताराम येचुरी द्वारा हिंदुओं को हिंसक बताने और भगवान राम कृष्ण के बारे में की गई टिप्पणी को लेकर हरिद्वार के संत समाज ने घोर आपत्ति जताई है। योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा के येचुरी को अपना नाम बदलकर सीताराम से रावण कर लेना चाहिए। बैठक के बाद योग गुरु स्वामी रामदेव अन्य संतों के साथ मेला नियंत्रण कक्ष पहुंचकर एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी से मिले और सीताराम येचुरी के खिलाफ तहरीर दी। स्वामी रामदेव ने सीताराम येचुरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संतों ने चेतावनी दी कि यदि उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। जिसके बाद देर शाम येचुरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

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पुलिस ने फिलहाल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी ने बताया कि शनिवार की सुबह स्वामी रामदेव सहित कई अन्य संतों की ओर से तहरीर दी गई थी। जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आज निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के हरिपुर स्थित आश्रम में संतों ने बैठक की। जिसमें सीताराम येचुरी के बयान की निंदा की गई। इस दौरान योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि सीताराम येचुरी ने मानसिक संतुलन खो दिया है। हिंदू संस्कृति और धार्मिक ग्रंथों को बिना पढ़े ही वे अमर्यादित बयान देकर सनातन संस्कृति का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को हिंसक बताकर सीताराम येचुरी अपने नाम के विपरीत आचरण कर रहे हैं। उन्हें अपने बयान के लिए हिंदू समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान महामंडलेश्वर हरि चेतन सहित बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे।

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 भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए रावण का वध किया था। हिंदू समाज का अपमान करने वाले सीताराम येचुरी को पहले तथ्यों का ज्ञान लेना चाहिए। उनके  बयान ने हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने भी सीताराम येचुरी के बयान की निंदा की। स्वामी प्रेमदास महाराज ने कहा कि येचुरी के बयान से हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। बैठक में डा.स्वामी श्यामसुंदर दास शास्त्री महाराज, आईडी शर्मा शास्त्री, महंत विष्णुदास महाराज, महंत जसविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

सीताराम येचुरी - फोटो : फाइल फोटो
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा था कि रामायण और महाभारत भी लड़ाई और हिंसा से भरी है। लेकिन एक प्रचारक के तौर पर उसे केवल एक महाकाव्य बताया जाता रहा हैं। उन्होंने कहा यह दावा करना ठीक नहीं है कि हिंदू हिंसक नहीं हो सकते। माकपा के महासचिव ने कहा था कि रामायण और महाभारत हिंसा के उदाहरणों से भरे पड़े हैं। इस के बाद यह कहना ठीक नहीं हैं कि हिंदू अहिंसक हैं। उन्होंने कहा वह इस तर्क पर भरोसा नहीं करते जबकि इसके तमाम उदाहरण सामने हैं। 

साध्वी प्रज्ञा - फोटो : ANI
माकपा महासचिव ने इससे पहले साध्वी प्रज्ञा को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने साध्वी की उम्मीदवारी को हिंदू वोटरों  को एकजुट करने की कवायद करार दिया था। येचुरी ने कहा था कि भाजपा इस चुनाव  में 50 फीसदी सीटें भी बचाने में  असफल रहने वाली है। इसलिए वह हर तरह से प्रयास कर हिंदू वोटरों का ध्रुवीकरण करने में जुटी है।

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सीताराम येचुरी के खिलाफ योग गुरु स्वामी रामदेव ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि हिंसा कम्युनिस्टों का चरित्र है, हिंदू समाज का नहीं। उन्होंने देशभर के हिंदुओं से अपील की कि वह कम्युनिस्टों का बहिष्कार करें। शनिवार को उत्तरी हरिद्वार में संतों की बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि सीताराम येचुरी का बयान पूरी तरह असंवैधानिक है। यह असहिष्णुता की पराकाष्ठा है।

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उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और भगवान श्री कृष्ण के बारे में अभद्र व अपमानित टिप्पणी करके सीताराम येचुरी ने यह साबित कर दिया कि उनकी मानसिकता क्या है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्टों ने अपने साम्राज्य का विस्तार करने के लिए करीब 11 करोड़ निर्दोष लोगों की हत्या की थी। यह तथ्यात्मक सत्य है। येचुरी को पहले कम्युनिस्टों के बारे में बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या वे ईसाईयों और कम्युनिस्टों की ओर से किए गए नर संहार के बारे में कोई टिप्प्णी कर सकते हैं, लेकिन  वे ऐसा नहीं करेंगे।
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उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले सभी हिंदू भगवान राम और कृष्ण के बारे में इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जिसका नाम सीताराम हो और वह ही इस तरह के बयान दे, तो इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सीताराम येचुरी को अपना नाम बदलकर रावण, कंस, बाबर या तैमूर की तर्ज रख लेना चाहिए। 
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