औली में शाही शादी
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स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि हिमालय की संस्कृति को पूरे विश्व में पहचान दिलाने के लिए औली में यह शादी समारोह का आयोजन किया गया। जिस हिमालय क्षेत्र में भगवान शिव और पार्वती की शादी हुई, आज भी देवभूमि का संस्कार और संस्कृति बची रहे, इसलिए यह शादी यहां की गई है। इस शादी से स्थानीय लोगों को भी फायदा मिला है।