atal bihari vajpayee
वाजपेयी जी पहाड़ से यात्रा कर जब हल्द्वानी पहुंचे तो दिल्ली की बस छूट चुकी थी। रात में कोई और बस नहीं थी। सभी नेताओं ने उनसे वहीं रात्रि विश्राम करने का आग्रह किया, लेकिन पार्टी की दिल्ली में अहम बैठक थी। उन्हें हर हाल में उसमें शामिल होना था। वे दिल्ली जा रहे एक ट्रक में सवार हो गए। पार्टी के प्रति वह इस कदर समर्पित थे कि भूल गए कि ट्रक से यात्रा करने में उन्हें बहुत असुविधा हो सकती है।