ज्योतिष के अनुसार मुद्रा बंदी वास्तव में इतिहास परिवर्तन जैसा है। ऐसा तभी होता है जब प्रमुख ग्रह राशियां बदल ले। हाल ही में शनि और मंगल जैसे क्रूर ग्रहों ने अपनी राशियों का परिवर्तन किया है। इसका प्रभाव विश्व पर पड़ रहा है।
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ग्रह नक्षत्र
भारतीय प्राच्य विद्या सोसायटी के अध्यक्ष डा. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि किसी भी देश में मुद्रा परिवर्तन तभी होता है जब ग्रहों का राशि परिवर्तन हो जाए।
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शनि
हाल ही में शनि और मंगल ग्रहों ने अपनी राशियों के बजाय एक दूसरे की राशि में प्रवेश किया है। शनिदेव अपनी राशि बदलकर मंगल की राशि में पहुंचे है और ऐसा ही मंगल ने भी शनि की राशि में जाकर किया है।
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वृश्चिक राशि
यह परिवर्तन 11 दिसंबर तक बना रहेगा। 15 दिसंबर तक शनि और सूर्य वृश्चिक राशि से संबंध बना लेंगे। मुद्रा संबंधी परेशानियां 15 दिसंबर तक बनी रहेगी।
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कम नहीं हो रही पैसों के लिए मारामारी
राशियों का यह खेल तब तक किसी रुप में चलता रहेगा जब तक कि भगवान सूर्य नारायण 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश नहीं कर लेते।