नगालैंड में शहीद हुए देवभूमि के बहादुर बेटे फतेह सिंह नेगी को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। दोपहर बाद चंद्रापुरी में मंदाकिनी नदी के किनारे घाट पर फतेह सिंह की अंत्येष्टी की गई।
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fateh singh
दोपहर बाद दिल्ली से एंबुलेंस के जरिए शव को पैतृक गांव पहुंचाया गया। शहीद के शव को देखकर उनकी पत्नी गीता बेसुध हो गई। शहीद की अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ा और फतेह सिंह की शहादत को नारे लगाए गए। उनके बेटे रॉबिन ने मुखाग्नि दी। इस दौरान रुद्रप्रयाग और केदारनाथ के विधायक भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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बता दें कि रविवार को अगस्त्यमुनि ब्लाक के तल्लानागपुर पट्टी के दूरस्थ बाड़व गांव के फतेह सिंह नेगी नगा विद्रोहियों के हमले में शहीद हो गए। 40-असम राइफल्स में हवलदार पद पर तैनात नेगी इन दिनों नगालैंड के मोन जिले में तैनात थे।
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फतेह सिंह की शहादत के बाद से उनके घर, परिवार में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पांच दिनों में रुद्रप्रयाग जिले से यह दूसरी शहादत है। बीते 14 जून को कविल्ठा गांव के मानवेंद्र सिंह रावत जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा में शहीद हो गए थे।
बताया गया है कि रविवार को 40-असम राइफल्स की टुकड़ी मोन से 30 किमी दूर गश्त पर थी। इसी दौरान अपराह्न करीब तीन बजे नगा विद्रोहियों ने टुकड़ी पर हमला कर दिया। हमले में हवलदार फतेह सिंह (48 वर्ष) सहित दो जवान शहीद हो गए। 40-असम राइफल्स मुख्यालय की ओर से रविवार रात बाड़व गांव में शहीद के परिजनों को फोन पर घटना की सूचना दी गई।