आसन रामसर साइट में प्रवासी पक्षियों की संख्या अब बढ़ने लगी है। अक्तूबर के पहले सप्ताह से ही विदेशी मेहमान झील में उतरना शुरू हो गए हैं। परिंदों की कलरव सुनाई दे रही है। वन विभाग, पक्षी विशेषज्ञ और पक्षी प्रेमियों में उत्साह का माहौल है।
वन विभाग पक्षियों के प्रवास के लिए की जाने वाली तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। चकराता वन प्रभाग के रामपुर मंडी स्थित आसन रामसर साइट को प्रवासी पक्षियों के आशियाने के रूप में जाना जाता है। सर्दी शुरू होते ही ठंडे देश साइबेरिया, रूस समेत मध्य व दक्षिणी यूरोप, मध्य एशिया और चीन के कुछ हिस्सों से बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आसन रामसर साइट में आने लगते हैं।
इसके बाद सैलानी पहुंचने लगते हैं। अक्तूबर से मार्च तक रंग-बिरंगे विदेशी मेहमानों के दीदार का सिलसिला जारी रहता है।