उनके विचारों की यह बारिश तीन दिन बाद गुजरात में बरसी, जब उन्होंने खुलेआम कहा कि वे इन दंगों से शर्मिंदा हैं और सात से 11 अप्रैल की अपनी प्रस्तावित सिंगापुर-कंबोडिया की यात्रा में वहां के लोगों को क्या मुंह दिखाएंगे। गुजरात में 27 फरवरी 2002 को गोधरा में हिंदू तीर्थयात्रियों से भरी ट्रेन की बोगी में उपद्रवियों ने आग लगा दी थी, जिसमें 58 तीर्थयात्री जिंदा जल गए थे।