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Ankita Murder Case: पटवारी और पुलकित की थी खास दोस्ती, साजिश या संयोग है घटना के बाद वैभव का छुट्टी जाना

Thu, 29 Sep 2022 09:42 AM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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पुलकित और पटवारी वैभव - फोटो : अमर उजाला
अंकिता की सूचना रिपोर्ट लेने के बाद भी पटवारी वैभव के छुट्टी पर जाने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। अब यह संयोग था या साजिश का हिस्सा, यह तो एसआईटी की जांच के बाद ही पता चलेेगा, लेकिन उसका छुट्टी जाने को पुलकित से गहरी दोस्ती से जोड़कर देखा जा रहा है। 

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बताया जा रहा कि वह पुलकित के हर काम का राजदार था। ऐसे में हो सकता है कि उसे हत्याकांड के बारे में पता चल गया और जांच से बचने के लिए छुट्टी चला गया। यही नहीं वैभव के छुट्टी जाने के बाद चार्ज पर आए पटवारी ने भी रिपोर्ट लिखने में आनाकानी की। पटवारी वैभव प्रताप सिंह और पुलकित आर्य की दोस्ती के चर्चे गंगा भोगपुर में आम हैं।

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रिजॉर्ट के कर्मियों के अनुसार, वैभव वहां अक्सर आया करता था। सैकड़ों बार वह रिजॉर्ट की वीआईपी पार्टियों में शामिल रहा। पुलकित के कहने पर पटवारी लोगों को डराया धमकाया भी करता था। सूत्रों के अनुसार, पुलकित इसके लिए उस पर तमाम तरह के अहसान भी करता था। पुलकित उसे हर संसाधन मुहैया कराता था। अंदेशा जताया जा रहा कि पुलकित ने इन्हीं अहसानों की कीमत उससे वारदात के अगले दिन मांगी होगी।  
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अंकिता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
माना जा रहा कि पुलकित ने जो किया या उससे जो हुआ, उसे उसने पटवारी को बता दिया होगा। इसको इससे समझा जा सकता है। 18 सितंबर को अंकिता गायब हुई। 19 सितंबर को शाम चार बजे पुलकित के पीए अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता ने अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी को लापता होने की सूचना पटवारी वैभव प्रताप सिंह को दी।
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अंकिता भंडारी के पिता - फोटो : अमर उजाला
अब वक्त आ गया था पुलकित के अहसानों को चुकाने का। माना जा रहा कि इसी के चलते सूचना देने के बाद उसने कोई कार्रवाई नहीं की और पटवारी विवेक कुमार को चार्ज देकर छुट्टी चला गया, ताकि उसे कोई जांच नहीं करनी पड़े। उसने अपना फोन भी बंद कर दिया, जो अब तक खुला नहीं है। अगले दिन 20 सितंबर को अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी विवेक कुमार के पास पहुंच तो कहा कि रिजॉर्ट संचालक ने पहले से गुमशुदगी शिकायत दे दी है।

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पुलकित आर्य और अंकिता भंडारी - फोटो : अमर उजाला
डेढ़ घंटे तक अंकिता के पिता को बैठाने के बाद तहरीर ली। सूत्रों के अनुसार, पुलकित का कोई परिजन भी चौकी के पास था। वैभव का इस तरह छुट्टी पर जाना संयोग है या वाकई उसने पुलकित की दोस्ती को निभाया यह बात सामने आने में वक्त लग सकता है, मगर मंगलवार को डीएम पौड़ी ने जो कार्रवाई की उससे वैभव की संदिग्धता तो सिद्ध हो ही रही है। अंकिता के परिजन भी जांच की मांग कर रहे हैं। 
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इसी रिजॉर्ट में काम करती थी अंकिता - फोटो : अमर उजाला
पटवारी और पुलकित की दोस्ती इतनी गहरी थी कि वह रिजॉर्ट से आने वाली हर शिकायत को पचा जाता था। यहां के पूर्व कर्मचारियों के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। कर्मचारी दंपती का कहना है कि कई लोगों ने रिजॉर्ट में हो रहे कामों और मारपीट की शिकायत राजस्व पुलिस को करनी चाही थी, लेकिन पटवारी वैभव इस पर कोई कार्रवाई नहीं करता था। दंपती को भी उसने रिजॉर्ट में बुलाकर डराया धमकाया था।
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