अंकिता भंडारी के पिता
- फोटो : अमर उजाला
अब वक्त आ गया था पुलकित के अहसानों को चुकाने का। माना जा रहा कि इसी के चलते सूचना देने के बाद उसने कोई कार्रवाई नहीं की और पटवारी विवेक कुमार को चार्ज देकर छुट्टी चला गया, ताकि उसे कोई जांच नहीं करनी पड़े। उसने अपना फोन भी बंद कर दिया, जो अब तक खुला नहीं है। अगले दिन 20 सितंबर को अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी विवेक कुमार के पास पहुंच तो कहा कि रिजॉर्ट संचालक ने पहले से गुमशुदगी शिकायत दे दी है।