उत्तरकाशी के भंकोली गांव की ममता रावत (26) युवाओं के लिए आदर्श और महिला सशक्तीकरण की मिसाल बन गई है। जून 2013 की केदारनाथ आपदा में जगह-जगह फंसे सैकड़ों पर्यटकों और यात्रियों को सुरक्षित निकालने वाली ममता की हिम्मत और जज्बे को अमिताभ बच्चन भी सलाम कर चुके हैं।
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महिला सशक्तीकरण की मिसाल बनी ममता, Big B भी हुए फैन
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ममता रावत
- फोटो : amar ujala
उत्तरकाशी के भंकोली गांव निवासी रामचंद्र सिंह रावत खेतीबाड़ी और चाय की दुकान चलाकर परिवार की आजीविका चलाते थे। उनके चार बच्चों में ममता तीसरे नंबर की है। जब ममता दस साल की थी, तो उसके सिर से पिता का साया उठ गया और अगस्त 2012 की आपदा ने उसका घर भी छीन लिया, लेकिन ममता ने हिम्मत नहीं हारी।
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ममता रावत
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निम से पर्वतारोहण संस्थान से कोर्स करने के बाद ममता ने ट्रैकिंग गाइड के तौर पर कार्य शुरू किया। वह जून 2013 में दिल्ली और मुंबई के 50 बच्चों को दयारा ट्रैकिंग पर ले गई थी, लौटते समय रास्ते और पुल के बाढ़ में बह जाने से पूरे दल समेत बीच में फंस गई। तब अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए ममता ने सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला।
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ममता रावत
- फोटो : file photo
निम के प्रधानाचार्य कर्नल अजय कोठियाल एवं समिटिंग फॉर होप ने ममता को नया घर बनाकर दिया है। लगान फेम निर्माता निर्देशक आशुतोष गोवारीकर ने 'एवरेस्ट' सीरियल में मुख्य अभिनेत्री के जोखिम भरे दृश्यों में ममता को बॉडी डबल के तौर पर काम दिया था। स्टार प्लस पर 'आज की रात है जिंदगी' सीरियल में स्वयं अमिताभ बच्चन ने उसकी हिम्मत, हौसले और जज्बे को सलाम किया।
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ममता रावत
- फोटो : file photo
यूथ फाउंडेशन एवं ग्रीन पीपुल से जुड़ कर ममता युवाओं को नई दिशा देने के साथ ही महिला सशक्तीकरण की मुहिम में जुटी है। उत्तरकाशी के रैथल गांव में पर्यटन, कृषि-बागवानी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के मेगा प्रोजेक्ट पर काम कर रही ममता स्थानीय युवतियों और महिलाओं के सहयोग से इसे अंजाम तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।