अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ
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उन्होंने कहा कि देश का ज्योतिष शास्त्र ब्रह्मांड को समझने का रोडमैप है। यह गीता के समान है। इसमें भौतिक, अभौतिक, दृश्य, अदृश्य, ज्ञात, अज्ञात जैसे तत्व समाए हुए हैं। हमें विद्या, कला और ज्ञान को तकनीकी के साथ मिलाकर आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए। कहा कि जो ब्रह्मांड के बाहर है, वही आपके भीतर है। उन्होंने कहा कि भारत का ब्रह्मांड से गहरा रिश्ता है।