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Amar Ujala Aparajita Samvad: कामकाजी महिलाओं ने बताई चुनौतियां, गौरा शक्ति एप से जानें कई समाधान

Mon, 22 May 2023 10:58 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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अपराजिता संवाद के दौरान महिलाओं को गौरा शक्ति एप के बारे में बतातीं सब इंस्पेक्टर श्वेता भट्ट - फोटो : अमर उजाला

कामकाजी महिलाओं को ऑफिस से लेकर घर पहुंचने तक कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर ऑफिस में शारीरिक शोषण, घर से ऑफिस आते-जाते समय छेड़खानी सहित कई ऐसी परेशानी है, जिनसे आए दिन जूझना पड़ता है। इन सबके लिए कानून भी बने हैं लेकिन महिलाओं का कहना है कि जब तक महिलाएं खुद जागरूक और मजबूत नहीं बनेंगी, तब तक यह समस्याएं भी बनीं रहेंगी।

रविवार को अमर उजाला की ओर से पटेलनगर स्थित कार्यालय में कामकाजी महिलाओं की चुनौती विषय पर अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में घर से निकलने और कार्यस्थल पर महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों, महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून आदि विषयों पर चर्चा हुई।

महिलाओं को खुद से होना पड़ेगा मजबूत
इस दौरान पुलिस विभाग की ओर से सब-इंस्पेक्टर श्वेता भट्ट ने कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने गौरा शक्ति एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं ने बताया कि उन्हें घर से ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो घर से निकलने, ऑफिस और फिर ऑफिस से घर पहुंचने तक जारी रहती हैं।

इन सबसे निपटने के लिए महिलाओं को खुद से मजबूत होना होगा। इस मौके पर एडवोकेट त्रिशला मलिक, रश्मि, सुनीता जैन, मिलि कौर, सुभाषिनी डिमरी, मनीषा, पूजा कपूर, खुशबू शैली, एडवोकेट भावना चौधरी, मंजू हरनाल, नेहा, मिनी गुप्ता, डॉ. सुनीता विद्यार्थी आदि मौजूद रहे।

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अपराजिता संवाद के दौरान मौजूद महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला

गौरा शक्ति एप पर करें शिकायतएसआई श्वेता भट्ट ने कहा कि महिलाओं को कहीं भी कोई परेशानी होती है तो वह उत्तराखंड पुलिस के गौरा शक्ति एप में शिकायत करें। उन्होंने बताया कि अभी तक एप में एक लाख 18 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। साथ ही 406 शिकायतें मिल चुकी हैं। जिनका समाधान भी कर लिया गया है।

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अमर उजाला अपराजिता संवाद - फोटो : अमर उजाला

महिलाओं को किसी भी उत्पीड़न के खिलाफ जागरूक होने की आवश्कता है। महिला सुरक्षा के लिए कई कानून बने हुए हैं। सभी महिलाओं को इन कानूनों की जानकारी होनी चाहिए, जिससे वह उत्पीड़न की शिकायत कर सकें। -एडवोकेट त्रिशला मलिक

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अपराजिता संवाद - फोटो : अमर उजाला

मेरे सामने शादी के बाद कई चुनौतियां खड़ी हो गई थीं। जिसके कारण कई बार सुसाइड का प्रयास किया। लेकिन, खुद के बल पर आज इन चुनौतियों से पार पा चुकी हूं। जब तक महिलाएं खुद मजबूत नहीं होंगी, तब तक उनके सामने चुनौतियां आती रहेंगी। -सुभाषिनी डिमरी

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अपराजिता संवाद - फोटो : अमर उजाला

महिलाओं को हर तरह से सशक्त और मजबूत होना होगा। उनके साथ जो भी समस्या आती है, उसको सहने की बजाय उसका प्रतिकार करना होगा। अगर विरोध नहीं किया तो उनका उत्पीड़न किया जाता रहेगा। -मनीषा डिसूजा

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कामकाजी महिलाओं के सामने घर से निकलने से लेकर ऑफिस और फिर वापस घर आने तक कई चुनौतियां आती हैं। लेकिन इन चुनौतियों से भागने की बजाय अगर उनका मुकाबला किया जाए तो चुनौतियां खुद ही धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी। -नेहा गोनियाल

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