कामकाजी महिलाओं को ऑफिस से लेकर घर पहुंचने तक कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर ऑफिस में शारीरिक शोषण, घर से ऑफिस आते-जाते समय छेड़खानी सहित कई ऐसी परेशानी है, जिनसे आए दिन जूझना पड़ता है। इन सबके लिए कानून भी बने हैं लेकिन महिलाओं का कहना है कि जब तक महिलाएं खुद जागरूक और मजबूत नहीं बनेंगी, तब तक यह समस्याएं भी बनीं रहेंगी।
रविवार को अमर उजाला की ओर से पटेलनगर स्थित कार्यालय में कामकाजी महिलाओं की चुनौती विषय पर अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में घर से निकलने और कार्यस्थल पर महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों, महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून आदि विषयों पर चर्चा हुई।
महिलाओं को खुद से होना पड़ेगा मजबूत
इस दौरान पुलिस विभाग की ओर से सब-इंस्पेक्टर श्वेता भट्ट ने कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने गौरा शक्ति एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं ने बताया कि उन्हें घर से ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो घर से निकलने, ऑफिस और फिर ऑफिस से घर पहुंचने तक जारी रहती हैं।
इन सबसे निपटने के लिए महिलाओं को खुद से मजबूत होना होगा। इस मौके पर एडवोकेट त्रिशला मलिक, रश्मि, सुनीता जैन, मिलि कौर, सुभाषिनी डिमरी, मनीषा, पूजा कपूर, खुशबू शैली, एडवोकेट भावना चौधरी, मंजू हरनाल, नेहा, मिनी गुप्ता, डॉ. सुनीता विद्यार्थी आदि मौजूद रहे।