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अब 42 की उम्र पार करने वाले नहीं बन सकेंगे टीचर

Fri, 09 Dec 2016 03:22 PM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : Logo
उत्तराखंड के अशासकीय स्कूलों में 42 की उम्र पार वाले अब टीचर नहीं बन सकेंगे। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद विनियम में संशोधन कर समस्त विद्यालयों के टीचरों के लिए न्यूनतम एवं अधिकतम आयु सीमा, न्यूनतम शैक्षिक और प्रशिक्षण अर्हताओं को सरकारी माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर कर दिया गया है।
 
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Teacher
जूनियर हाईस्कूलों में 15 साल का शिक्षण अनुभव वाले भी अब इंटरमीडिएट कॉलेजों में प्रिंसिपल बन सकेंगे। वहीं विधान सभा चुनाव से पहले अशासकीय बेसिक स्कूलों के टीचरों के तबादलों के लिए रास्ता खोल दिया गया है।
 
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Teacher
अपर मुख्य सचिव डॉ. रनवीर सिंह ने इस संबंध में पांच दिसंबर 2016 को शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश के मुताबिक प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में टीचर बनने के लिए अब तक टीचरों की न्यूनतम आयु सीमा तो निर्धारित थी, लेकिन अधिकतम आयु की कोई सीमा नहीं थी। जिसे संशोधित कर अब सरकारी स्कूलों की तर्ज पर कर दिया गया है।
 

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teacher left her kids for literate others kid - फोटो : file photo
वहीं इंटरमीडिएट कालेज में प्रिंसिपल के लिए पीजी की डिग्री के साथ ही इंटरमीडिएट कक्षाओं में दो साल का शिक्षण अनुभव व जूनियर हाईस्कूल, हाईस्कूल में न्यूनतम 15 साल के शिक्षण अनुभव की योग्यता रखी गई है। इसी तरह जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक का पद रिक्त होने पर संस्था में ज्येष्ठतम अर्ह अध्यापक जिसे कम से कम दस साल का अनुभव हो उसे प्रमोशन देकर इस पद को भरा जा सकेगा।
 
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teacher - फोटो : amar ujala
वहीं अब बेसिक के अशासकीय विद्यालयों के टीचर भी तबादला पा सकेंगे। इसके लिए मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक बेसिक, मुख्य शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक की तीन सदस्यीय समिति आदेश जारी कर सकेगी।
 
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शिक्षक भर्ती - फोटो : pti
वहीं स्कूलों की मान्यता के संबंध में तीन हजार की आबादी पर हाईस्कूल और पांच हजार की आबादी पर इंटर कॉलेज को मान्यता दी जा सकेगी।
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शिक्षक नौकरी - फोटो : getty
जबकि अस्थाई मान्यता प्राप्त करने के तीन साल के भीतर मान्यता की शर्तें पूरी न होने पर संस्था की मान्यता निरस्त कर दी जाएगी।
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