हैंड ग्रेनेड
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राठी के गुर्गों ने वर्ष 2011 में रुड़की जेल के बाहर डिप्टी जेलर नरेंद्र सिंह की हत्या की थी। इसके बाद सुपारी लेकर हत्या कराने में उसका नाम चलने लगा। वर्ष 2014 में रुड़की में जेल के बाहर विरोधी चीनू पंडित गैंग पर गोलीबारी करवा अपने वर्चस्व कायम किया। उसकी गैंग में कई शार्प शूटर हैं, जिनकी मदद से राठी जेल से अपना नेटवर्क ऑपरेट करता है। अब बागपत जेल में माफिया डॉन बजरंगी की हत्या से एक बार फिर सुर्खियों में आया है। वर्ष 2000 में पुलिस के हत्थे चढ़े सुनील राठी के कब्जे से तब हेंड ग्रेनेड (बम) बरामद हुआ था, ऐसे में राठी के तेवरों का अंदाजा साफ साफ लगाया जा सकता है। दो वर्ष पूर्व कनखल थाने की छत पर तब एक हेड ग्रेनेड मिला था, संभवत: वह वहीं था जो राठी से बरामद हुआ था। तब कनखल पुलिस ने बम निरोधक दस्ते ने उस बम को निष्क्रिय किया था।