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केदारनाथ और बदरीनाथ के बारे में सदियों पहले हुई यह भविष्यवाणी, अब हो रही है सच

Wed, 07 Jun 2017 05:42 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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सद‌ियों पहले बाबा केदार और भगवान बदरीव‌िशाल के बारे में ऋष‌ि मुन‌ियों ने एक भव‌िष्यवाणी की थी। जो आज सच होती द‌िखाई दे रही है। सामने आ रहा है क‌ि जल्द ही केदारनाथ और बदरीनाथ मार्ग बंद हो जाएगा और लोग भगवान बदरी के दर्शन नहीं कर पाएंगे।
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दरअसल, सोशल मीड‌िया पर वायरल एक पोस्ट इस बात की तस्दीक कर रही है। कहा जाता है क‌ि सतयुग में भगवान ऋष‌ि मुन‌ियों, देवताओं और लोगों को दर्शन देते थे। ले‌क‌िन द्वापर युग में भगवान केवल देवता और ऋष‌ि मुन‌ियों को ही दर्शन द‌िया करते थे। सतयुग से द्वापर तक पाप का स्तर बढ़ता गया दर्शन दुर्लभ हो गए। वहीं अब भगवान दर्शन दुर्लभ हो गए हैं।
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पुराणें में बदरी और केदारनाथ भगवान के रूठने का ज‌िक्र है। कहा जाता है क‌ि कलयुग के पांच हजार साल बीतने पर पाप का साम्राज्य हो जाएगा। ज‌िसका राज इन दो पर्वतों से जुड़ा है।

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केदारघाटी में दो पहाड़ है। नर और नारायण। कहा जाता है क‌ि ये दोनों ऋष‌ि थे और इनके तप से प्रसन्‍न होकर ही भगवान बदरीनाथ और केदारनाथ प्रकट हुए थे। तब से ये दोनों पर्वत के रूप में दोनों धामों को घेरे हुए हैं।
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मान्यता के अनुसार ज‌िस द‌िन ये दोनों पर्वत एक साथ आ गए भगवान भी यहां से चले जाएंगे। लेक‌िन इसका असर अभी से द‌िखने लगा है। उत्तराखंड में समय-समय पर आने वाली आपदा इस बात का साक्षात प्रमाण है।
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इस घटना से जुड़ी एक मान्यता यह भी है कि जोशीमठ में जहां शीतकाल में बद्रीनाथ की चलमूर्ति रहती है वहां भगवान नृसिंह का एक मंदिर है।
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- फोटो : AmarUjala
वहां शालीग्राम शिला में भगवान नृसिंह का एक अद्भुत विग्रह है। इस विग्रह की बायीं भुजा पतली है और समय के साथ यह और भी पतली होती जा रही है। जिस दिन इनकी कलाई टूट जाएगी उस दिन नर-नारायण पर्वत एक हो जाएंगे।

(अमर उजाला इस बात की तस्दीक नहीं करता है। सोशल मीड‌िया पर वायरल एक पोस्ट के आधार पर आधार पर यह खबर बनाई गई है।)
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