नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच में बाबर आजम की धीमी पारी ने पाकिस्तान की जीत के बावजूद टीम कॉम्बिनेशन पर बहस छेड़ दी है। नंबर चार पर उनकी भूमिका, स्ट्राइक रेट और मौजूदा टॉप ऑर्डर की फॉर्म को देखते हुए सवाल उठ रहा है कि क्या वह अब भी इस टी20 सेटअप में फिट बैठते हैं या बदलाव का वक्त आ गया है।
पाकिस्तान की क्रिकेट टीम और टीम मैनेजमेंट की एक बड़ी समस्या यह है कि वह अहम मौकों पर अपने स्टार खिलाड़ियों को ही बाहर बैठा देता है। जिस टी20 फॉर्मेट में ऐसे बल्लेबाजों की जरूरत होती है, जो तेजी से रन बटोर सकें, वहीं पाकिस्तान उन बल्लेबाजों को मौका दे रहा है, जो टी20 में टेस्ट जैसे स्ट्राइक रेट से खेलता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं बाबर आजम की। बाबर भले ही टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हों, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट हमेशा सवालों के घेरे में रहा है। वह पाकिस्तान के लिए मैच विनर नहीं, बल्कि सिरदर्द साबित हो रहे हैं। उनकी वजह से पाकिस्तान की टीम फखर जमां जैसे विस्फोटक बल्लेबाज को नहीं खिला पा रही है।
विज्ञापन
2 of 8
बाबर आजम और फखर जमां
- फोटो : ANI
जीत मिली, लेकिन खुल गई पोल
पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स को हरा तो दिया, मगर यह जीत जितनी आसान दिखनी चाहिए थी, उतनी रही नहीं। कागज पर समीकरण साफ था, 53 गेंद में 50 रन, हाथ में सात विकेट। टी20 में इसे लगभग औपचारिकता माना जाता है, लेकिन नंबर चार पर उतरे बाबर आज़म 18 गेंद में सिर्फ 15 रन बनाकर आउट हो गए। रन गति थमी, दबाव बढ़ा और मैच आखिरी ओवरों तक खिंच गया। आखिर में फहीम अशरफ की तेज बल्लेबाजी ने पाकिस्तान को बचा लिया, वरना कहानी कुछ और भी हो सकती थी। यहीं से असली बहस शुरू होती है कि क्या बाबर आज़म मौजूदा टी20 प्लान में सही जगह पर हैं?
विज्ञापन
3 of 8
फखर जमां और बाबर आजम
- फोटो : ANI
नंबर चार: आंकड़े दे रहे हैं चेतावनी
टी20 क्रिकेट अब इरादों का खेल है। खासकर नंबर चार पर बल्लेबाज से उम्मीद होती है कि वह आते ही मैच की रफ्तार बढ़ाए। बाबर को 'किंग बाबर' कहा जाता है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी 'जिम-बाबर' जैसी है। जिम बाबर इसलिए क्योंकि उनके देश के फैंस ही मानते हैं कि बाबर सिर्फ जिम्बाब्वे के खिलाफ ही रन बनाते हैं। हर देश के पास नंबर चार पर विस्फोटक बल्लेबाज हैं, जो मैदान पर आते ही पहली ही गेंद से चौथी गियर पर बल्लेबाजी करे, लेकिन पाकिस्तान उस बल्लेबाज को खिलाता है, जिसे स्ट्राइक रोटेट करने और गेंद को समझने में वक्त चाहिए।
बाबर के करियर आंकड़ों पर नजर डालें तो चौथे पोजिशन पर उनका औसत सबसे कम और स्ट्राइक रेट भी नीचे की तरफ है। यानी भूमिका की मांग और खिलाड़ी की प्राकृतिक शैली में मेल नहीं दिखता। बाबर एंकर की भूमिका में बेहतरीन रहे हैं, चाहे वह पारी संभालना, लंबा खेलना, गैप ढूंढना, लेकिन नंबर चार पर अक्सर 10-12 गेंद में मैच बदलने की जरूरत होती है। बाबर वनडे और टेस्ट में भले ही इस नंबर या नंबर तीन पर फिट बैठते हों, लेकिन टी20 टीम में उनकी कोई जगह नहीं बनती। साथ में बाबर का खराब फॉर्म भी पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट को नजर नहीं आ रहा है।
बाबर आजम के टी20 अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों (बैटिंग पोजिशन के हिसाब से)
बल्लेबाजी
क्रम
पारियां
सर्वोच्च
स्कोर
रन
औसत
स्ट्राइक रेट
ओपनिंग
87
122
2973
38.12
130.57
नंबर 3
40
86
1372
42.88
125.64
नंबर 4
5
50*
134
33.50
114.53
नंबर 5
1
41
41
41.00
100.00
कुल
133
122
4520
39.30
128.15
4 of 8
फखर जमां और बाबर आजम
- फोटो : ANI
ऊपर जगह है ही नहीं
तुरंत सवाल आता है कि तो क्या उन्हें फिर से टॉप ऑर्डर में भेजा जाए? मौजूदा हालात में यह भी आसान नहीं। सैम अयूब और साहिबजादा फरहान आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं और अच्छी लय में हैं। ओपनिंग जोड़ी को छेड़ना टीम मैनेजमेंट नहीं चाहेगा। नंबर तीन पर सलमान आगा ने हाल के मैचों में जिस स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं, उसने उस जगह को लगभग लॉक कर दिया है। ऐसे में बाबर के लिए पारंपरिक भूमिका वाली सीट खाली नहीं दिखती। ऐसे में सही यही होगा कि फखर जमां को टीम सेटअप में मौका मिले। क्योंकि वसीम अकरम और वकार यूनुस जैसे पाकिस्तान के दिग्गज खुद यही मानते हैं कि अगर लक्ष्य बड़ा हो जिसमें 200+ रन चेज करना पड़े या फिर पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर सेट करना हो तो फखर जमां से बेहतरीन बल्लेबाज टीम में कोई नहीं है।
विज्ञापन
5 of 8
बाबर आजम और फखर जमां
- फोटो : ANI
जिद या जरूरत?
पाकिस्तान को कठोर फैसला लेना पड़ सकता है। बड़े नाम हमेशा बड़ी जगह की गारंटी नहीं होते, खासकर टी20 में। टीम बैलेंस ज्यादा अहम है। अगर किसी खिलाड़ी की शैली मौजूदा प्लान से मेल नहीं खा रही, तो बदलाव पर सोचना ही पड़ेगा। बेंच पर बैठे फखर जमां उसी तरह की विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, जिसकी नंबर चार पर जरूरत है। उनका स्ट्राइक रेट बताता है कि वह शुरुआत से ही गेंदबाज पर हमला कर सकते हैं। कम औसत के बावजूद उनका इम्पैक्ट ज्यादा है और टी20 में यही चीज चलती है। ख्वाजा नफे भी एक विकल्प हो सकते हैं, जिनके पास तेजी से रन बनाने की काबिलियत है।
फखर जमां के टी20 अंतरराष्ट्रीय आंकड़े (बैटिंग पोजिशन के हिसाब से)
बल्लेबाजी
क्रम
पारियां
सर्वोच्च
स्कोर
रन
औसत
स्ट्राइक रेट
ओपनिंग
44
91
966
21.95
131.97
नंबर 3
34
77*
775
25.83
121.86
नंबर 4
21
78
501
25.05
150.45
नंबर 5
7
44
95
13.57
103.26
नंबर 6
1
21
21
21.00
100.00
नंबर 7
1
27*
27
27
270.00
कुल
108
91
2385
23.38
130.76
ख्वाजा नफे के टी20 अंतरराष्ट्रीय आंकड़े (बैटिंग पोजिशन के हिसाब से)
बल्लेबाजी
क्रम
पारियां
सर्वोच्च
स्कोर
रन
औसत
स्ट्राइक रेट
नंबर 5
1
21
21
21.00
175.00
नंबर 6
1
26
26
26.00
173.33
कुल
2
26
47
23.50
174.07
विज्ञापन
6 of 8
ख्वाजा नफे
- फोटो : Twitter
अब छिपाने का वक्त नहीं
नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच जीतकर पाकिस्तान ने दो अंक जरूर ले लिए, लेकिन बल्लेबाजी की कमजोरी खुलकर सामने आ गई। बड़ी टीमों के खिलाफ यही ढील भारी पड़ सकती है। समाधान मौजूद हैं, पर हिम्मत भी चाहिए। और यही असली परीक्षा है टीम मैनेजमेंट की। पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी बाबर आजम की हालिया अस्थिर फॉर्म पर अपनी राय रखी है। दोनों दिग्गजों का मानना है कि दाएं हाथ के बल्लेबाज की पावर हिटिंग पहले जैसी नहीं रही है।
'बाबर पहले जैसा असर नहीं छोड़ पा रहे'
पोंटिंग को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि बाबर अब मिडिल ओवर्स में पहले जैसा असर नहीं छोड़ पा रहे। उन्होंने टीम में उनकी भूमिका पर भी सवाल उठाए। पोंटिंग ने 'द आईसीसी रिव्यू' में कहा, 'अगर आप 18 गेंद में 15 रन बना रहे हैं तो आप सिर्फ खुद पर ही नहीं, दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज पर भी दबाव डाल रहे हैं। उसे लगता है कि अब वही बाउंड्री लगाए। बाबर को शुरुआत में ही चौके मारने होंगे। पहले छह गेंद में कम से कम दो बाउंड्री चाहिए, नहीं तो मैच का मोमेंटम हर बार बदल जाएगा।'
विज्ञापन
7 of 8
बाबर आजम
- फोटो : ANI
'बाबर की साख ही उनके लिए दबाव बनती जा रही'
रवि शास्त्री का मानना है कि बाबर की साख ही अब उनके लिए दबाव बनती जा रही है। शास्त्री ने कहा, 'करियर के इस मुकाम पर आपके साथ एक बोझ होता है, उम्मीदों का वजन होता है। लोग चाहते हैं कि आप रन बनाएं। पहली पांच गेंद में आउट भी हो जाएं तो मुझे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन कोशिश यह होनी चाहिए कि दो बाउंड्री लगें। सही गेंद चुनिए, अच्छी पोजीशन में जाइए और गेंदबाज क्या करने वाला है, इसका अंदाजा लगाइए। आपको बेहतर महसूस होगा और चीजें बदल सकती हैं।'
'नंबर-तीन पोजिशन पर वापस भेजने पर विचार होना चाहिए'
पोटिंग ने सुझाव दिया कि बाबर को उनकी पसंदीदा नंबर-तीन पोजिशन पर वापस भेजने पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि उनकी पावर थोड़ी कम हुई है। जिस तरह उन्होंने स्पिनर को खेलने की कोशिश की और बाउंड्री तक भी नहीं पहुंच पाए, उससे यह साफ दिखता है। मैंने टूर्नामेंट की शुरुआत में उनका बचाव किया था… बड़े टूर्नामेंट में बड़े खिलाड़ी की जरूरत होती है। पाकिस्तान को अगर आगे जाना है तो उन्हें बाबर का बेस्ट चाहिए।'
'वह क्वालिटी खिलाड़ी हैं, तेजी से बदलाव कर सकते'
पोंटिंग ने कहा, 'मैं तो उन्हें नंबर-तीन पर खिलाने के बारे में सोचूंगा। अगर वह पावरप्ले में कुछ समय बिताते हैं, जब सिर्फ दो फील्डर बाहर होते हैं, तो उन्हें मदद मिलेगी। अगर पावर थोड़ी कम भी हुई है तो आपको हालात अपने पक्ष में करने होंगे। उनके बाद आने वाले बल्लेबाजों के पास काफी ताकत है, वे मिडिल ओवर्स संभाल सकते हैं। टीम मैनेजमेंट को बड़ा फैसला लेना होगा कि उन्हें रखा जाए या बाहर किया जाए।' वहीं, शास्त्री ने भी साफ कहा कि समय बहुत कम है। उन्होंने कहा, 'सवाल उठेंगे। वह क्वालिटी खिलाड़ी हैं, तेजी से बदलाव कर सकते हैं, लेकिन उन्हें जल्दी करना होगा क्योंकि मिडिल ओवर्स बहुत अहम होते हैं। टी20 क्रिकेट में आप इतना वक्त नहीं ले सकते, जब तक हालात गेंदबाजों के पक्ष में न हों।'