'मास्टर ब्लास्टर' सचिन तेंदुलकर जब अपने क्रिकेट करियर में शीर्ष पर थे तो एक बल्लेबाज ऐसा भी था जो उनको मैदान पर लगातार चुनौती दे रहा था, चाहे वह रन बनाने को लेकर हो या फिर शतक की बात हो।
तेंदुलकर को आधुनिक क्रिकेट इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है और उनके एकदिवसीय रिकॉर्ड को चुनौती देने वाला कोई खिलाड़ी आज तक उसके आस-पास भी नहीं आ सका, लेकिन 20वीं शताब्दी के आखिरी दशक में एक बल्लेबाज ऐसा भी रहा आया जो सचिन को मैदान पर लगातार चुनौती देता रहा।
वह थे पाकिस्तान के ओपनर सईद अनवर। तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर में भले ही 49 शतक लगाए हों, लेकिन जब उन्होंने वेस्टइंडीज के बल्लेबाज डेसमंड हेंस का वनडे मैचों में सर्वाधिक शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ा था, तब उनके सबसे करीब सईद अनवर ही थे, जो उन्हें शतकों के मामले में लगातार चुनौती दे रहे थे।
दिसंबर 1996 तक सचिन के नाम वनडे में 10 शतक थे तो अनवर भी इतने ही शतक लगा चुके थे। इसके बाद अनवर ने सचिन से पहले वनडे में 15 शतक बना लिए। अनवर ने जनवरी 1998 में अपना 15वां शतक भारत के खिलाफ ढाका में लगाया था। उस वक्त सचिन के नाम केवल 12 शतक थे, फिर सचिन ने 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शारजाह में लगातार दो शतक लगाकर अनवर के 15 शतकों की बराबरी कर ली। इस साल सचिन ने वनडे में कुल 9 शतक लगाए और अनवर को पीछे छोड़ दिया। साल 1998 के आखिर तक सचिन के नाम 21 शतक हो गए थे, इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।