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क्रिकेट वर्ल्ड ने खो दिया दुनिया का सबसे बुजुर्ग क्रिकेटर

Tue, 06 Sep 2016 12:14 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दुनिया के सबसे बुजुर्ग टेस्ट क्रिकेटर लिंडसे टकेट का निधन हो गया है। उन्होंने करीब 2 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में 9 टेस्ट मैच खेले थे।
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लिंडसे टकेट को उनके निधन से पहले दुनिया का सबसे बुजुर्ग जीवित क्रिकेटर माना जाता था। वह दक्षिण अफ्रीका टेस्ट टीम के तेज गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए जून 1947 से मार्च 1949 के बीच 9 टेस्ट मैच खेला था। उनका निधन 97 साल की उम्र में अफ्रीकी शहर ब्लोंफोंटेन में हुआ।

तेज गेंदबाज टकेट ने महज 16 साल की उम्र में अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करिअर की शुरुआत मार्च 1935 में ऑरेंज फ्री स्टेट के लिए खेलते हुए की थी।

दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब फिर से क्रिकेट शुरू हुआ तो वह अपनी टीम के खास गेंदबाज बन गए थे। हालांकि इस विश्व युद्ध ने उनके करिअर को काफी प्रभावित किया क्योंकि यह जब शुरू हुआ तो उनकी उम्र महज 20 साल की थी।
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टकेट को 1947 में इंग्लैंड दौरे के लिए दक्षिण अफ्रीका की टीम में शामिल कर लिया गया, और वहां उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में टेस्ट करियर की शुरुआत की थी।

उन्होंने अपने पहले ही टेस्ट मैच की पहली पारी में 37 ओवर में 68 रन देकर 5 विकेट झटके थे, लेकिन चोट की वजह से उनका प्रदर्शन काफी गिर गया। 44.26 की औसत से 5 मैचों की सीरीज में 15 विकेट ही ले पाए।

टकेट ने सिर्फ इंग्लैंड के खिलाफ ही खेले सभी टेस्ट मैच

दाएं से दूसरे हैं लिंडसे टकेट - फोटो : Getty
लिंडसे टकेट ने अपना अगला अंतरराष्ट्रीय मैच अपने ही घर में खेला जब 1948-49 में इंग्लैंड (मेरिलबॉर्न क्रिकेट क्लब) की टीम दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई।

इसी दौरे में चर्चित डरबन टेस्ट मैच खेला गया जिसका अंतिम ओवर लिंडसे टकेट ने डाला और अंतिम गेंद पर रन बनाते हुए इंग्लैंड ने 2 विकेट से जीत हासिल कर लिया।

इस सीरीज से टेस्ट करियर में उनकी वापसी खास नहीं रही। वह इस सीरीज में 316 रन देकर 4 विकेट ही निकाल पाए थे। उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच इसी सीरीज में खेला था। इस तरह से उन्होंने सिर्फ 2 सीरीज खेली और वह भी इंग्लैंड के साथ। एक उनके घर में और एक अपने घर में।

2 बार 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने के साथ टकेट ने अपने 9 मैचों के टेस्ट करियर में 19 विकेट लिए थे। साथ ही उन्होंने 1934-35 से 1954-55 तक चले प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर में 61 मैचों से 225 विकेट झटके। प्रथम श्रेणी करिअर में उनके लिए 1951-52 का साल सबसे बेहतरीन रहा जिसमें टकेट ने 17.59 की औसत से 32 विकेट लिए।
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लिंडसे के पापा और चाचा भी रहे हैं टेस्ट क्रिकेटर

लिंडसे टकेट के परिवार का क्रिकेट से गहरा नाता रहा है। उनके पिता लेन टकेट भी दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट क्रिकेटर रहे हैं। उनके चाचा जोए कॉक्स जो मध्यम गति के तेज गेंदबाज थे भी पूर्व टेस्ट क्रिकेटर थे।

टकेट के निधन के बाद दक्षिण अफ्रीका के ही पूर्व टेस्ट ऑलराउंडर जॉन वाटकिन्स इस समय क्रिकेट वर्ल्ड के सबसे जीवित शख्स हो गए हैं। वाटकिन्स इस समय 93 साल के हैं।
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