टी20 विश्व कप 2007 के उस ओवर की हाइलाइट्स को देखते हुए ब्रॉड ने कहा कि यह सात छक्के हो सकते थे अगर अंपायर ने देखा होता कि उनकी गेंदों में से एक नो-बॉल है।
इंग्लैंड के महान गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत में ही सबसे बुरे दौर को देखा है। वह इसे स्वीकार भी करते हैं। ब्रॉड को 2007 टी20 विश्व कप में भारत के युवराज सिंह ने एक ओवर में छह छक्के मारे थे। अब 17 साल बाद पहली बार ब्रॉड ने स्वीकार किया कि युवराज उन्हें लगातार सात छक्के लगा सकते थे, अगर अंपायर ने एक गलती नहीं की होती।
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युवराज सिंह
- फोटो : Twitter
स्काई स्पोर्ट्स पर टी20 विश्व कप 2007 के उस ओवर की हाइलाइट्स को देखते हुए ब्रॉड ने कहा कि यह सात छक्के हो सकते थे अगर अंपायर ने देखा होता कि उनकी गेंदों में से एक नो-बॉल है। पहली तीन गेंदों पर ओवर द विकेट गेंदबाजी करते हुए तीन छक्के खाने के बाद ब्रॉड ने कुछ अलग करने और छक्कों को रोकने के लिए चौथी गेंद अराउंड द विकेट फेंकी थी। हालांकि, ब्रॉड ने तब फुलटॉस गेंद फेंकी जिसे युवराज ने पॉइंट के ऊपर से छक्का जड़ा।
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उस पल को याद करते हुए ब्रॉड ने महसूस किया कि अंपायर उस गेंद को कमर तक की नो बॉल दे सकते थे। उन्होंने फिर मजाक में कहा कि अगर ऐसा होता तो अगली गेंद पर युवराज उन्हें सातवां छक्का मार सकते थे। ब्रॉड ने स्काई स्पोर्ट्स पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन से कहा, 'मैंने कभी ऐसी बल्लेबाजी नहीं देखी, लेकिन मुझे स्वीकार करना होगा कि मैं भाग्यशाली रहा कि उसे नो बॉल नहीं दिया गया। नहीं तो युवी सातवां छक्का भी लगा सकते थे।' इसके बाद दोनों हंसने लगे।
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युवराज सिंह
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ब्रॉड ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने इससे पहले कभी छह छक्कों की फुटेज नहीं देखी थी। उन्होंने कहा, 'मैंने इस वीडियो को इससे पहले कभी नहीं देखा है। इसलिए 17 साल बाद यह अवसर देने के लिए धन्यवाद। इस ऐतिहासिक मैच में भारत ने 18 रन से जीत हासिल की थी। गंभीर के 41 गेंद में 58 रन, सहवाग के 52 गेंद में 68 रन और युवी के 16 गेंद में तूफानी 58 रन की बदौलत भारत ने 20 ओवर में चार विकेट गंवाकर 218 रन बनाए थे।
जवाब में इंग्लैंड की टीम 20 ओवर में छह विकेट गंवाकर 200 रन ही बना सकी थी। विक्रम सोलंकी ने 31 गेंद में 43 रन, केविन पीटरसन ने 23 गेंद में 39 रन और पॉल कॉलिंगवुड ने 20 गेंद में 28 रन की पारी खेली थी। इसके अलावा डैरेन मैडी ने 20 गेंद में 29 रन बनाए थे। भारत की ओर से इरफान पठान ने तीन और आरपी सिंह ने दो विकेट लिए थे। युवराज ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 30 गेंदों में 70 रनों की एक और अविश्वसनीय पारी खेली थी। भारत ने उस साल टी20 विश्व कप जीता था।