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युवराज और रैना को इस टेस्ट में फैल होने के कारण नहीं मिली टीम इंडिया में जगह

Thu, 17 Aug 2017 08:13 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक निगम
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युवराज और रैना
युवराज सिंह और सुरेश रैना को श्रीलंका के खिलाफ आगामी वन-डे सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल नहीं करने की असली वजह सामने आई है। दो धाकड़ बल्लेबाजों को टीम इंडिया में फिटनेस की समस्या के कारण शामिल नहीं किया गया है। इन दोनों का राष्ट्रीय क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) में 'यो-यो' दमखम टेस्ट में पास नहीं होना टीम से बाहर होने की प्रमुख वजह रही।
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रैना और युवराज
टीम इंडिया के क्रिकेटरों को कई तरह के फिटनेस टेस्ट से गुजरना होता है, जिसमें 'यो-यो' दमखम टेस्ट सबसे महत्वपूर्ण है। पहले की तुलना में अब यह टेस्ट कठिन होता है। इसमें 'बीप' से पता चल जाता है कि खिलाड़ी ने टेस्ट पास किया है या नहीं। पता हो कि मौजूदा टीम इंडिया को विश्व की सबसे फिट टीम माना जाता है और ऐसे में युवराज व रैना को भी अपनी बेस्ट फिटनेस साबित करना जरुरी थी, जिसमें वो कामयाब नहीं हुए।
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युवराज सिंह - फोटो : Twitter
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक अधिकारी ने नाम सामने नहीं लाने की शर्त पर बताया कि मौजूदा थिंक टैंक, कोच रवि शास्त्री, कप्तान विराट कोहली और सेलेक्टर्स कमेटी
के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि फिटनेस के स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसी जानकारी मिली है कि युवराज और रैना 'यो-यो' स्कोर में तय स्कोर को पार नहीं कर सके। मौजूदा टीम के लिए 'यो-यो' स्कोर 19.5 या उससे अधिक ही स्वीकार्य किया गया है।  भारत के सबसे फिट क्रिकेटर कप्तान विराट कोहली इस परीक्षण में लगभग 21 का स्कोर बनाते हैं। वहीं युवराज और रैना ने इस परीक्षण में 19.5 से काफी कम स्कोर बनाया। जानकारी मिली है कि युवराज केवल 16 का स्कोर ही बना पाए, जो कि उनके टीम से बाहर होने का मुख्य कारण रहा।

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सुरेश रैना - फोटो : ESPN
बोर्ड अधिकारी ने कहा, 'औसतन आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर 'यो-यो' परीक्षण में 21 का स्कोर बनाते हैं। यहां विराट, रविंद्र जडेजा और मनीष पांडे लगातार यह स्कोर बनाते हैं, जबकि अन्य 19।5 या इससे अधिक का स्कोर हासिल करते हैं। इससे पहले जबकि पारपंरिक बीप टेस्ट हुआ करता था तो नब्बे के दशक के भारतीय खिलाड़ियों में से मोहम्मद अजहरुद्दीन, रॉबिन सिंह और अजय जडेजा को छोड़कर अधिकतर 16 से 16।5 का स्कोर बनाते थे। मगर अब स्थिति अलग है और खुद कप्तान ही मानदंड स्थापित कर रहा है जैसे ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने लिए तय किए हैं।'
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यो-यो टेस्ट को समझिए

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टीम इंडिया - फोटो : ESPN
यह सवाल जरुर मन में उठ रहा होगा कि यो-यो टेस्ट आखिर है क्या? चलिए हम आपको बताते हैं। दरअसल, 20 मीटर की दूरी पर दो लाइन बनाई जाती है। एक खिलाड़ी लाइन के पीछे खड़ा होता है और व्हिसल बजते ही दौड़ना शुरू करता है। जैसे ही बीप बजती है तो उसे मुड़ना होता है। हर एक मिनट या इसी तरह से तेजी बढ़ती जाती है। अगर समय पर रेखा तक नहीं पहुंचे तो दो और 'बीप' के अंतर्गत तेजी पकड़नी पड़ती है। अगर खिलाड़ी दो छोरों पर तेजी हासिल नहीं कर पाता है तो परीक्षण रोक दिया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर पर आधारित है, जिसमें नतीजे रिकॉर्ड किए जाते हैं।
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