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CSK के खिलाड़ियों का नहीं होगा यो-यो टेस्ट, फिटनेस चेक करने का है अनोखा तरीका

Sat, 16 Mar 2019 08:47 AM IST
अभिषेक निगम स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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चेन्नई सुपकिंग्स - फोटो : pti
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और हेड कोच रवि शास्त्री के नेतृत्व में फिटनेस स्तर चेक करने के लिए यो-यो टेस्ट भले ही सबसे जरूरी मापदंड हो, लेकिन एमएस धोनी के नेतृत्व वाली चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए यह जरूरी नहीं है। जी हां, आईपीएल के 12वें संस्करण के लिए सीएसके के खिलाड़ियों के लिए यो-यो टेस्ट पास करना अनिवार्य नहीं है।
 
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csk - फोटो : file photo
चेन्नई सुपरकिंग्स में खिलाड़ियों का फिटनेस लेवल अलग तरह से पता किया जा रहा है। टीम इंडिया के पूर्व ट्रेनर रामजी श्रीनिवासन चेन्नई फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े हुए हैं। वह खिलाड़ी की फिटनेस नापने के लिए 2 किमी या 2.4 किमी की दौड़ या फिर लगातार स्प्रिंट टेस्ट  पर ध्यान देते हैं।
 
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dd vs csk - फोटो : file photo
रामजी ने बताया कि वह ट्रेनिंग और डिजाइन टेस्ट के मद्देनजर खिलाड़ियों की फिटनेस का ध्यान रखते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश खिलाड़ियों को यो-यो टेस्ट का पैरामीटर पता है, इसलिए वह कुछ अलग करने पर ध्यान देते हैं। रामजी ने कहा, 'मैं खिलाड़ियों का फिटनेस स्तर 2 किमी या 2.4 किमी दौड़ से पता करता हूं या फिर स्प्रिंट रिपीट टेस्ट करता हूं। सिर्फ इसलिए कि राष्ट्रीय टीम यो-यो टेस्ट करती है, इसका मतलब यह नहीं कि मुझे भी इसी प्रक्रिया का पालन करने की जरूरत है।'

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सीएसके - फोटो : file photo
उन्होंने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि खिलाड़ियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए चुनौती तैयार करने की जरूरत है। उदाहरण के लिए जब मैं टीम इंडिया के साथ जुड़ा हुआ था, तब धोनी के लिए जो ट्रेनिंग रिजीम तैयार किया था, वह सचिन तेंदुलकर के समान नहीं था। इसी प्रकार अगर कोहली के लिए कोई ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार किया है और उनका शरीर उसे करने में मदद कर रहा है तो इसका मतलब यह नहीं कि एमएस धोनी को भी यही करना होगा।  यो-यो टेस्ट फुटबॉल जैसे एरोबिक खेलों के लिए अच्छा हैं, जहां से इसकी शुरुआत हुई।'
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CSK - फोटो : file photo
रामजी ने आगे कहा, 'फिटनेस बहुत जरूरी है और इसमें विशेष ध्यान रखना होता है कि सिर्फ एंड्युरेंस को प्राथमिकता न दी जाए बल्कि पूरी फिटनेस स्तर का ख्याल रखा जाए। वैसे, सारणी बनाना बेहद जरूरी है, जिसमें कई मुद्दों पर ध्यान देना होता है जैसे शक्ति, बल, चुस्ती, धैर्य, लचीलापन आदि।'
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csk - फोटो : file photo
यह पूछने पर कि धोनी का वर्कआउट रिजीम क्या रहता है तो रामजी ने कहा, 'एमएस धोनी बहुत अलग जोन में रहते हैं। वह चीजों को आसान रखना पसंद करते हैं। वह क्लीन एंड जर्क और पॉवर लिफ्टिंग के अन्य प्रारूपों को नहीं करते। वह शक्ति कार्य और मुक्केबाजी करना बेहद पसंद करते हैं। वैसे, वह काफी स्मार्ट ट्रेनर हैं और उन एक्सरसाइज पर ध्यान देते हैं, जो आसान हो और उनकी शैली को धार पहुंचाते हैं।'
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सीएसके - फोटो : file photo
रामजी का मानना है कि समाज में ऐसी मानसिकता है कि अगर एक व्यक्ति कुछ करे और उसे सफलता मिले, तो लोग उसके रूटीन को फॉलो करने लगते हैं। मगर सीएसके के ट्रेनर का मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रोग्राम बनाने से पहले उसकी ताकत और कमजोर का विश्लेषण कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा, 'चूंकि उसेन बोल्ट तेज दौड़कर अपने शरीर का अच्छा आकार बरकरार रखते हैं, इसका यह मतलब नहीं कि मुझे भी ऐसा ही करना चाहिए। भारत में ऐसी मानसिकता खत्म होना चाहिए।'
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csk - फोटो : file photo
बकौल रामजी, 'कोहली जो फिटनेस कर रहे हैं, उससे उन्हें बेहतर नतीजे मिल रहे हैं। इसका यह मतलब नहीं कि अन्य लोग उनके जैसी फिटनेस करें। किसी एक व्यक्ति का भोजन दूसरे के लिए जहर बन सकता है।'
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