एंड्र्यू स्ट्रॉस
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जवाब में बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम के दोनों सलामी बल्लेबाजो स्ट्रॉस और केविन पीटरसन ने अपनी टीम को धमाकेदार शुरुआत दी। दोनों ही बल्लेबाजों ने आते ही भारतीय गेंदबाजों की गेंदों को सीमा रेखा से बाहर भेजना शुरू कर दिया, लेकिन जल्दी ही टीम इंडिया ने मैच में जोरदार वापसी की और मैच के रूख को अपनी ओर मोड़ दिया।
एक ओर इंग्लैंड के विकेटों के गिरने का सिलसिला चल निकला तो दूसरी ओर कप्तान स्ट्रॉस ने अंगद की तरह अपने पैर क्रीज पर जमाए खड़े हो गए। स्ट्रॉस ने अपना शतक पूरा किया और इंग्लैंड को मैच में बनाए रखा।
बेल के साथ मिलकर स्ट्रॉस ने इंग्लैंड के स्कोर को पहले 200 और फिर 250 के पार पहुंचा दिया। दोनों ने रनरेट में भी कोई गिरावट नहीं आने दी और तेज गति से रन पीटते रहे और भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आने लगे। शानदार बल्लेबाजी करते हुए स्ट्रॉस ने अपने 150 रन भी पूरे कर लिए और वहां से लगने लगा कि यह मैच इंग्लैंड जीत जाएगा।
मैच ने एक बार फिर पाला बदला, धोनी ने जहीर को 43वें ओवर में आक्रमण पर लगाया और चौथी ही गेंद पर जहीर ने बेल को 69 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन की राह दिखा दी। जहीर ने अगली ही गेंद पर इंग्लिश कप्तान स्ट्रॉस को भी निपटा दिया। स्ट्रॉस का विकेट गिरते ही भारतीय खेमे में जोश दोगुना हो गया।
स्ट्रॉस के आउट होने के बाद इंग्लैंड के लगातार विकेट गिरने शुरू हो गए। इंग्लैंड को अब जीत दूर लगने लगी थी और भारत की जीत की उम्मीद और बढ़ गई। भारत के खाते में जाते हुए मैच ने एक बार फिर करवट लिया। इंग्लैंड ने दोबारा हिम्मत दिखाते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। अब आखिरी ओवर में इंग्लैंड को जीतने के लिए 14 रनों की दरकार थी।