आईपीएल नीलामी में 13 साल के वैभव सूर्यवंशी को राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा। इस खिलाड़ी का बेस प्राइस 30 लाख रुपये था और वह अपने बेस प्राइस से लगभग चार गुना ज्यादा दाम पर बिके। वह आईपीएल नीलामी इतिहास में बिकने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। बिहार के वैभव ने सिर्फ 13 साल और 242 दिनों की उम्र में आईपीएल नीलामी के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए सबसे कम उम्र के खिलाड़ी के रूप में इतिहास रच दिया था। अब उन्हें टीम भी मिल गई है। वैभव के लिए राजस्थान और दिल्ली कैपिटल्स के बीच लड़ाई थी।
विज्ञापन
2 of 4
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : PTI
घरेलू क्रिकेट में धमाल मचा चुके
वैभव घरेलू सर्किट में काफी धमाल मचा चुके हैं। इस बाएं हाथ के बल्लेबाजी ने बहुत कम उम्र में ही अपने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया है। जनवरी 2024 में बिहार के लिए प्रथम श्रेणी में डेब्यू करने के बाद, सूर्यवंशी ने सितंबर भारत U19 बनाम ऑस्ट्रेलिया U19 यूथ टेस्ट सीरीज के दौरान एक शानदार शतक के साथ सभी का ध्यान आकर्षित किया था। सूर्यवंशी आगामी अंडर-19 एशिया कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
हाल ही में भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीमों के बीच दो मैचों की अनाधिकारिक टेस्ट सीरीज खेली गई थी। इसमें बिहार के लाल ने महज 58 गेंदों में शतक जड़ा था। अब वह इंग्लैंड के बल्लेबाज मोईन अली से महज सिर्फ एक स्थान पीछे हैं। उन्होंने 2005 में अंडर-19 में 56 गेंदों में शतक जड़ा था। इसी के साथ वैभव ने अंडर-19 टेस्ट में किसी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बना लिया है। युवा खिलाड़ी ने अपनी दमदार पारी के दौरान 14 चौके और चार शतक लगाए। वह मात्र 62 गेंदों पर 104 रन बनाकर रन आउट हो गए।
विज्ञापन
3 of 4
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : Twitter
रणजी में भी कर चुके डेब्यू
वैभव वही बल्लेबाज हैं जिन्होंने रणजी ट्रॉफी 2024 में महज 12 साल और 284 दिन की उम्र में डेब्यू किया था। वह ऐसा करने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने सचिन तेंदुलकर सहित कई खिलाड़ियों का रिकॉर्ड तोड़ा था। सचिन बेहद कम उम्र में रणजी क्रिकेट में बड़ा नाम बन गए थे और भारत की युवा टीम में भी जगह बनाई थी।
नौ साल की उम्र में शुरू हुई क्रिकेट यात्रा
वैभव के बल्लेबाजी का स्टाइल पृथ्वी शॉ और शिखर धवन से मिलता-जुलता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी पारी में कई तरह के शॉट शामिल थे, जिसमें स्क्वायर ड्राइव, डीप मिड-विकेट पर पुल और कवर ड्राइव शामिल थे। सूर्यवंशी की क्रिकेट यात्रा नौ साल की उम्र में शुरू हुई, जब उन्हें अपने पिता संजीव सूर्यवंशी से शुरुआती कोचिंग मिली। क्रिकेट के प्रति उनके पिता के जुनून और खुद उनके समर्पण ने वैभव को इतनी कम उम्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित किया, जिससे वह भारतीय क्रिकेट में एक होनहार प्रतिभा बन गए।