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Interesting Fact: काउंटिंग के बाद कहां जाती हैं ईवीएम मशीनें? अधिकतर लोगों को नहीं पता है इसका जवाब

Mon, 25 Nov 2024 06:34 PM IST
शिखर बरनवाल फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

क्या आपने कभी सोचा है कि वोटों की गिनती के बाद ईवीएम मशीन के साथ क्या किया जाता है या उसे कहां रखा जाता है? बहुत से लोगों को लगता है कि गिनती के बाद तो ईवीएम अगले चुनाव की तैयारी में लग जाते हैं, मगर ऐसा नहीं है।
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ईवीएम मशीनें - फोटो : Freepik
EVM machines after Counting: हमारे देश में लगभग हर चुनाव में ईवीएम सुर्खियों में रहती है। अक्सर देखने को मिलता है कि चुनाव हार जाने वाली पार्टी ईवीएम के पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है, मगर मजे की बात यह है कि जो पार्टी चुनाव जीतती है वो ईवीएम के बारे में कुछ नहीं बोलती। हालांकि, चुनाव आयोग हमेशा ईवीएम की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त करता रहा है। हाल ही में 22 नवंबर को महाराष्ट्र और झारखंड में वोटों की काउंटिंग हुई। ईवीएम से काउंटिंग होने की वजह से हमारे देश में वोटों की गिनती 24-30 घंटों में समाप्त हो जाती है, वहीं अमेरिका में सभी वोटों की गिनती करने में 5-6 दिन लग जाते हैं। खैर, महाराष्ट्र और झारखंड के सभी विधानसभा सीटों के विजेता घोषित कर दिए गए हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि वोटों की गिनती के बाद ईवीएम मशीन के साथ क्या किया जाता है या उसे कहां रखा जाता है? बहुत से लोगों को लगता है कि गिनती के बाद तो ईवीएम अगले चुनाव की तैयारी में लग जाते हैं, मगर ऐसा नहीं है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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ईवीएम मशीनें - फोटो : Freepik
सबसे पहले ईवीएम से होने वाले मतदान की पूरी प्रक्रिया को समझते हैं। मतदान के दिन ईवीएम मशीन मतदान केंद्रों पर लगाई जाती हैं। मतदान समाप्त होने के बाद इन मशीनों को सील कर दिया जाता है। सील की गई ईवीएम मशीनों को स्थानीय स्ट्रॉग रूम में ले जाया जाता है। स्ट्रॉग रूम एक सुरक्षित जगह होती है जहां इन मशीनों को कड़ी सुरक्षा में रखा जाता है।
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ईवीएम मशीनें - फोटो : Freepik
स्ट्रॉग रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं और यहां पर पुलिस की सुरक्षा भी होती है। मतगणना यानी काउंटिंग के दिन स्ट्रॉग रूम से ईवीएम मशीनों को मतगणना केंद्र में ले जाया जाता है। यहां पर इन मशीनों को खोला जाता है और वोटों की गिनती की जाती है।

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ईवीएम मशीनें - फोटो : Freepik
काउंटिंग के बाद भी 45 दिनों तक रखा जाता है ईवीएम
मतगणना के बाद ईवीएम मशीनों को वापस स्ट्रॉग रूम में ले जाया जाता है और उन्हें 45 दिनों तक सुरक्षित रखा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर किसी उम्मीदवार को दोबारा काउंटिंग करवानी हो तो उनके पास 45 दिनों का समय होता है। 45 दिन गुजरने के बाद इन मशीनों को निर्वाचन आयोग के गोदाम में भेज दिया जाता है।
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ईवीएम मशीनें - फोटो : Freepik
कैसा होता है स्ट्रॉग रूम?
स्ट्रॉग रूम एक बहुत सुरक्षित स्थान होता है जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। स्ट्रॉग रूम को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वहां मौसम के तापमान का अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है। वहां पर न तो गर्मी का असर होता है और न हीं नमी का। बता दें कि स्ट्रॉग रूम में ईवीएम को सूटकेस में बंद करके रखा जाता है जिससे वो पूरी तरह से महफूज रहता है।
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