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लक्ष्मण की आत्मकथा में बड़ा खुलासा, सहवाग ने जो वादा किया, वो सबसे पहले निभाया

Sun, 18 Nov 2018 01:24 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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वीरेंद्र सहवाग और वीवीएस लक्ष्मण
टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा '281 एंड बियॉन्ड' में टीम इंडिया के अपने साथियों के बारे में रोचक खुलासे किए हैं। लक्ष्मण ने बताया कि वीरेंद्र सहवाग ने उनसे एक वादा किया था, जो सबसे पहले निभाकर भी दिखाया।
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वीरेंद्र सहवाग
लक्ष्मण ने लिखा, 'पहले ही बता दूं कि मैं सहवाग का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। जब मैंने उन्हें पहली बार बल्लेबाजी करते देखा तो लगा नहीं था कि सर्वश्रेष्ठ स्तर पर वह निरंतर सफल होते जाएंगे। वीरू की अनोखी प्रतिभा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 वन-डे सीरीज में देखने को मिली। बैंगलोर में खेले गए पहले मैच में उन्होंने 58 रन बनाए और तीन विकेट चटकाए व मैन ऑफ द मैच बने। पुणे मैच से पहले मैं, जहीर और वीरू डिनर के लिए गए।'
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वीरेंद्र सहवाग
लक्ष्मण ने आगे बताया, 'वीरू ने मुझसे कहा- लक्ष्मण भाई आपके पास कोलकाता टेस्ट में तिहरा शतक जमाने का शानदार मौका था, लेकिन दुर्भाग्यवश आप ऐसा नहीं कर सके। अब आप देखिए और इंतजार कीजिए, मैं टेस्ट क्रिकेट में 300 रन बनाने वाला पहला भारतीय बल्लेबाज बनूंगा। मैंने उन्हें आश्चर्यचकित निगाहों से देखा। चार वन-डे खेलने वाला बल्लेबाज टेस्ट चयन के आस-पास भी नहीं था और इससे पहले ही वह इतना बड़ा दावा कर रहा था। एक पल के लिए लगा कि वह मजाक कर रहा होगा, लेकिन वीरू बहुत गंभीर था। इमानदारी से कहूं तो मुझे समझ नहीं आया कि क्या कहूं।'

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Virender Sehwag
लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा में लिखा कि सहवाग की तैयारी का तरीका हम सभी से अलग था। उन्होंने लिखा, 'मैंने कभी वीरू को ज्यादा तैयारी करते नहीं देखा। वह नेट्स पर बल्लेबाजी करता था, अपने कैच का कोटा पूरा करके ड्रेसिंग रूम चले जाता था। कोई अतिरिक्त नॉकिंग या थ्रो-डाउन नहीं करता था। वह हमारा मजाक भी बनाता था यह कहकर कि आपको मैच में ज्यादा गेंद खेलना चाहिए, अभ्यास के समय नहीं। आप इस लॉजिक पर कुछ कह भी नहीं सकते, तब तो बिलकुल नहीं जब उनके लिए यह बहुत आसानी से काम कर रहा हो।'
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वीरेंद्र सहवाग
बकौल लक्ष्मण, 'मुल्तान में तिहरा शतक जमाने के बाद सहवाग मेरे पास आए और ठहाका लगाकर बोले- मैंने आप से कहा था वीवीएस। मुझे बहुत खुशी हुई कि मेरे 281 रन का रिकॉर्ड किसी ने तोड़ दिया है। भारत ने कई अच्छे बल्लेबाज विश्व को दिए हैं, लेकिन तिहरा शतक नहीं जमाना अजब था। वीरू ने यह रिकॉर्ड बनाया। उसने सबसे पहले इस वादे को निभाया। तिहरा शतक जमाने के लिए बहुत तेजी से रन बनाना होते हैं। सहवाग ने घमंड नहीं बल्कि विश्वास से कहा था कि वह तिहरा शतक जमाएंगे और उन्होंने ऐसा करके दिखाया।'

(नोट: वीवीएस लक्ष्मण की किताब 281 एंड बियॉन्ड से यह किस्सा लिया गया है। इसका प्रकाशन वेस्टलैंड स्पोर्ट ने किया है।)
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