सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली
अपने आदर्श सचिन तेंडुलकर के बतौर क्रिकेटर वह सर्वश्रेष्ठ मानते हैं, जबकि खुद को वह कड़ी मेहनत का नतीजा मानते हैं। उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि जब मैं आया था, तो मैं इतना कौशल रखने वाला खिलाड़ी नहीं था, लेकिन मेरी एक चीज निरंतर रही कि मैं खुद पर काम करता रहा। अगर भारतीय टीम को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम बनना है तो उसे एक निश्चित तरीके से खेलने की जरूरत थी।