इंटरनेशल क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज के लिए उसका पहला विकेट काफी मायने रखता है। शायद ही कोई क्रिकेटर आज तक अपना डेब्यू विकेट भूला हो। मौजूदा दौर में क्रिकेट पूरी तरह से बल्लेबाजों के पक्ष में चला गया है, इसलिए इसकी प्रासंगिकता और भी ज्यादा बढ़ गई है। नियम से लेकर फ्लैट पिच और हल्के बैट सबकुछ बल्लेबाजों को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं।
ऐसे में इंटरनेशल डेब्यू का पहला विकेट भला कौन भूल सकता है। वहीं अगर बैटिंग छोर पर खड़ा बल्लेबाज टीम इंडिया की रन मशीन विराट कोहली हो तो खुशी सातवें आसमान पर होती है। इसका सबसे बेहतर अनुभव द. अफ्रीका के स्पिन गेंदबाज
तबरेज शम्सी के पास है।